
अलवर।
अलवर के थानागाजी में 26 अप्रेल को विवाहिता के साथ हुए गैंगरेप ( Alwar Gangrape ) मामले में एक और बात सामने आई है। गैंग रेप की शर्मनाक घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों में सबसे पहले अशोक और महेश ने दम्पति को सडक़ पर रोका था। उसके बाद दोनों ने अपने साथियों को बुलाकर उन्हें एकांत में ले गए और विवाहिता से पति के सामने ही बारी-बारी से गैंगरेप किया था। इसके बाद सबसे पहले 3 मई को आरोपी अशोक के मोबाइल से वीडियो वायरल किया गया था। इसके बाद इस वीडियो को मुकेश ने 4 मई को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
पुलिस की ओर से गैंगरेप केस में अलवर में विशिष्ट न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई थी जिसमें इन तथ्यों को रखा गया है। विशेष लोक अभियोजक एडवोकेट कुलदीप जैन ने बताया कि शनिवार को चार्जशीट पेश कर दी गई हैं। इसमें 35 गवाह हैं और विभिन्न धाराओं में प्रमाणित साक्ष्य पेश किए गए। अभी तक आरोपी पक्ष की ओर से कोई वकील नहीं आया है।
गौरतलब है कि गत 26 अप्रेल को अशोक, इंद्राज, महेश, हंसराज और छोटेलाल ने विवाहिता से गैंगरेप किया था। 2 मई को इस संबंध में केस दर्ज हुआ। पुलिस ने 7 और 8 मई को गैंगरेप के पांचों आरोपियों समेत घटना का वीडियो वायरल करने के आरोपी मुकेश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया था। सभी आरोपी फिलहाल कोर्ट के आदेश पर 30 मई तक जेल में हैं।
वहीं गैंगरेप की शिकार हुई पीडि़ता अब पुलिस में कांस्टेबल बनेगी। राजस्थान सरकार ने पीडि़ता को पुलिस में कांस्टेबल पद पर नियुक्ति देने की कवायद शुरू कर दी है। अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप ने इस संबंध में अधिकारियों की बैठक लेकर प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के लिए सीएमओ भिजवा दिया है। जानकारी के अनुसार, सरकार की ओर से पीडि़ता को दो तरह के विकल्प दिए गए। पहला राजस्थान पुलिस और दूसरा जेल पुलिस में कांस्टेबल पद पर नियुक्ति। इसके बाद पीडि़ता ने राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी के लिए सहमति दी। पीडि़ता ने जयपुर शहर में पोस्टिंग मांगी है। पीडि़ता और उसके परिवार से सलाह लेने के लिए राजस्थान सरकार की महिला कांस्टेबल की एक टीम उसके घर गई थी।
Published on:
20 May 2019 12:25 am
