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मानसून की विदाई बेला पर औसत बारिश में अलवर जिला करीब 200 मिमी पीछे

मानसून काल में वृद्धि नहीं हुई तो इस बार अलवर जिला औसत बारिश के आंकड़े से करीब 200 मिलीमीटर पिछड़ जाएगा। अभी तक जिले में 353 .31 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है, जबकि जिले की औसत वर्षा 555 मिमी है।
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अलवर

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Prem Pathak

Sep 16, 2019

alwar letest news

मानसून की विदाई बेला पर औसत बारिश में अलवर जिला करीब 200 मिमी पीछे

अलवर. मानसून काल में वृद्धि नहीं हुई तो इस बार अलवर जिला औसत बारिश के आंकड़े से करीब 200 मिलीमीटर पिछड़ जाएगा। अभी तक जिले में 353 .31 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है, जबकि जिले की औसत वर्षा 555 मिमी है। मानसून की विदाई बेला पर रविवार को अलवर में बूंदाबांदी हुई, वहीं रामगढ़ में सबसे ज्यादा 30 मिमी बारिश दर्ज की गई।

सिंचाई विभाग के कंट्रोल रूम के अनुसार रविवार को राजगढ़ में 8, रामगढ़ में 30, थानागाजी में 29, मालाखेड़ा में 6, बहादरपुर में 5, गोविंदगढ़ में 5 एवं जयसमंद में 5 मिमी बारिश दर्ज की गई। अलवर शहर में दोपहर को बूंदाबांदी हुई, जिससे सडक़ गीली हो पाई। हालांकि दोपहर से ही आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन तेज बारिश का इंतजार ही रहा।

बांधों में भी पानी घटा

पिछले दिनों अलवर जिले में बारिश का दौर थमने के कारण तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। तेज धूप के चलते बांधों में पानी मात्रा में भी कमी आई। रविवार को जिले का सबसे बड़ा बांध जयसमंद पूरी तरह सूखा था, वहीं सिलीसेढ़ में 20 फीट 9 इंच, मंगलसर में 16 फीट 8 इंच, मानसरोवर में 17 फीट 2 इंच, जयसागर में 12 फीट 11 इंच, जैतसर में 7 फीट 9 इंच एवं समर सरोवर में 6 फीट 3 इंच पानी शेष है।

जिले में 7773 मिमी बारिश, सबसे ज्यादा सोडावास में

अलवर जिले में एक जून से अब तक 7773 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इनमें सबसे ज्यादा सोडावास में 561 व बानसूर में 556 मिमी बारिश हुई है। इसी प्रकार अलवर में 508, रामगढ़ में 316, मुण्डावर में 203, बहरोड़ में 392, लक्ष्मणगढ़ में 381, तिजारा में 405, कठूमर में 201, किशनगढ़बास में 309, मालाखेड़ा में 409, राजगढ़ में 367, टपूकडा में 213, बहादरपुर में 257, नीमराणा में 260, थानागाजी में 501, कोटकासिम में 505, गोविंदगढ़ में 207, अलवर जल संसाधन 409, जयसमंद में 79, मंगलसर में 286, सिलीसेढ़ में 430 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

बढ़ सकता है मानसून काल

सिंचाई विभाग की ओर से मानसून काल प्राय: 15 सितम्बर तक रहता है, लेकिन इस साल देश व प्रदेश में बारिश का दौर देरी से शुरू होने और वर्तमान में कई जिलों में तेज बारिश होने से इस बार मानसून काल 30 सितम्बर तक बढऩे की उम्मीद है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश वर्मा ने बताया कि इस साल अभी तक कोटा समेत कई जिलों में बारिश का दौर जारी है, ऐसे में सिंचाई विभाग का कंट्रोल रूम 30 सितम्बर तक बढ़ाया जा सकता है। हालांकि रविवार शाम तक कंट्रोल रूम का समय बढ़ाने के आदेश नहीं मिले है।