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राजस्थान की इस सीट पर प्रत्याशियों के साथ इन शीर्ष नेताओं की प्रतिष्ठा भी है दांव पर, चुनाव में लगाएंगे एड़ी-चोटी का जोर

राजस्थान में अगले कुछ दिनों में रैलियों का दौर शुरु हो जाएगा, प्रदेश में प्रत्याशियों के साथ शीर्ष नेताओं की प्रतिष्ठा का भी यह चुनाव है।
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अलवर

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Hiren Joshi

Apr 09, 2019

Alwar Lokasbha Seat Is Important For BJP And Congress In Election 2019

राजस्थान की इस सीट पर प्रत्याशियों के साथ इन शीर्ष नेताओं की प्रतिष्ठा भी है दांव पर, चुनाव में लगाएंगे एड़ी-चोटी का जोर

अलवर. राजस्थान में दो चरणों में लोकसभा चुनाव होंगे। कुछ दिनों बाद प्रदेश में रैलियों का दौर शुरु हो जाएगा। राजस्थान में कई सीटों पर प्रत्याशियों के साथ-साथ बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। ऐसे में भाजपा व कांग्रेस के आलाकमान इन सीटों को जीतने में एड़ी-चोटी का जोर लगाएंगे। आइए जानते हैं ऐसी कौनसी सीट हैं जहां प्रत्याशियों के साथ पार्टियों के शीर्ष नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।

अलवर लोकसभा सीट पर राहुल व योगी आदित्यनाथ

अलवर लोकसभा सीट पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व योगी आदित्यनाथ की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। अलवर लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी जितेन्द्र सिंह राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं जितेन्द्र सिंह कांग्रेस सरकार मे केन्द्रीय मंत्री भी रह चुके हैं और राहुल गांधी की युवा टीम के प्रमुख सदस्य हैं। इन लोकसभा चुनावों ेंमें कांग्रेस ने उन पर पूरा विश्वास जताया है। 2014 के चुनाव में राहुल गांधी जितेन्द्र सिंह के लिए अलवर में रोड शो कर चुके हैं। ऐसे में राहुल गांधी की प्रतिष्ठा अलवर सीट पर दांव पर लगी हुई है।

वहीं दूसरी ओर भाजपा ने अलवर सीट से महंत बालकनाथ को मैदान में उतारा है। बालकनाथ योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं, योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में ही बालकनाथ मस्तनाथ मठ के उत्तराधिकारी चुने गए थे। यही नहीं विधानसभा चुनाव के दौरान जब योगी आदित्यनाथ जब अलवर में प्रचार कर रहे थे तो बालकनाथ उनके साथ थे। इन चुनाव में भी चर्चा है कि बालकनाथ को टिकट मिलने में योगी आदित्यनाथ का अहम किरदार है। ऐसे में अलवर लोकसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी से जितेन्द्र सिंह के साथ राहुल गांधी और भाजपा से महंत बालकनाथ के साथ योगी आदित्यनाथ की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।