
जानकी मैया को ब्याह कर लौटे भगवान जगन्नाथ, उमड़ा शहर, देखिए फोटो
अलवर. भगवान जगन्नाथ जानकी जी को ब्याह कर रूपबास से वापस अलवर लौटे। छह किलोमीटर की बारात वापसी की यात्रा में जानकी मैया को देखने तो पूरा शहर उमड़ गया। इसके चलते यह यात्रा पूरी रात चलकर तड़के पुराना कटला स्थित मंदिर पहुंची।
रूपबास स्थित जगन्नाथ मंदिर में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में भगवान जगन्नाथ के साथ जानकी मैया को रथ पर विराजित किया गया। रथ में जानकी मैया को विराजित करने के दौरान पुलिस बल ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। यहां रूपबास में आई महिलाओं ने विदाई की बेला पर मंगल गीत गाए। इससे पहले उन्होंने जानकी मैया को विदाई दी। इसके लिए रथ को आकर्षक ढंग से सजाया गया था जिसमें रंग बिरंगी लाइटें और गुब्बारें लगाए गए थे। जानकी मैया को रथ तक लाते समय ताशा पार्टी ने कच्ची घोड़ी नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी।
दिन छिपने के साथ ही दी विदाई
शाम को दिन छिपने के साथ ही जानकी माता की विदाई प्रारम्भ हुई। इस समय चारों तरफ शाम को लाइटें जल गई थी। रथ में जैसे ही भगवान जगन्नाथ और माता जानकी को विराजित किया गया तो पांडाल में जगन्नाथ महाराज की जय और जानकी मैया की जय के जयघोष से मेला स्थल गूंज उठा। लोगों ने रथ पर फूल बरसाए और श्रद्धा में हाथ जोड़े। माता जानकी को लेकर यह रथ धीरे-धीरे आगे की ओर बढ़ा। भवानी तोप पर अनेक बैंड व प्याऊ रथ यात्रा में शामिल होने के इंतजार में खड़ी दिखी।
आकर्षक तरीके से सजाई प्याऊ
रथयात्रा के साथ काफी संख्या में प्याऊ चल रही थी। यह प्याऊ मीठे शर्बत, नींबू पानी और सादा पानी की थी। कई प्याऊ पर डीजे बज रहा था, जिसके आगे लोग नाच रहे थे। रथयात्रा को देखने रूपबास स्थित मंदिर से लेकर पुराना कटला स्थित मंदिर तक सड़क के दोनों तरफ लोग खड़े थे। इस दौरान श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर भगवान जगन्नाथ से मन्नत मांगी। बहुत से लोग रथ से प्रसाद लेने को आतुर दिखे। रास्ते में पडऩे वाले सभी मंदिरों में भगवान जगन्नाथ की आरती की गई।
Published on:
26 Jul 2018 12:17 pm
