
विदाई ऐसी जिसमें शामिल हुए हजारों लोग, गगनभेदी जयकारों के साथ आंखें भी हुई नम
श्रीनगर के अनंंतनाग जिले में आतंकियों के हमले में हुआ था शहीद
बानसूर क्षेत्र की ग्राम पंचायत हाजीपुर के समीप ढाणी गुजरांवाली में शनिवार शाम गांव के सपूत श्रीनगर के अनंतनाग में तैनात सीआरपीएफ के जवान संदीप यादव की पार्थिक देह लम्बे इंतजार के बाद गांव पहुंची। यहां सैनिक सम्मान से उन्हें नम आंखों से विदाई दी गई। उनके बड़े पुत्र आशीष व छोटे पुत्र अक्षत ने मुखाग्नि दी। संदीप शुक्रवार को सीआरपीएफ में श्रीनगर के अनंतनाग जिले में ड्यूटी के दौरान आंतकियों की फायरिंग में शहीद हो गया था। इससे पहले अलवर जिले में गत दो माह में लक्ष्मणढ़ के टोडा, कठूमर के मैथना, मुण्डावर के सुंदरवाड़ी व बानसूर के मुगलपुरा गांव के जवान देश की रक्षा के लिए शहीद हो चुके हैं।
शहीद का शव शाम सात बजे गांव हाजीपुर के समीप ढाणी गुजरांवाली पहुंचा, जहां पार्थिव देह को दर्शनों के लिए रखा गया। अपने गांव के वीर सपूत की एक झलक पाने को लेकर जन सैलाब उमड़ पड़ा, तो हिन्दुस्तान जिंदाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद, जब तक सूरज चांद रहेगा, संदीप तेरा नाम रहेगा...के जयघोष से आसमान गूंज उठा। प्रशासन की ओर से जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित, एडीएम बीएल रमण, डीएसपी बहरोड़ जनेश सिंह तंवर ने पुष्पचक्र अर्पित किए। वहीं प्रदेश सरकार की ओर से केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, सामान्य प्रशासन मंत्री हेमसिंह भड़ाना एवं अंतरराज्यीय जल वितरण सैल समिति अध्यक्ष डॉ. रोहिताश्व शर्मा ने पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। शहीद के शव के साथ आए सीआरपीएफ के जवानों एवं राजस्थान पुलिस की टुकडी की ओर से तीन-तीन राउंड फायर कर शहीद को सलामी दी गई।
इन्होंने दी श्रद्धांजलि :
शहीद के अंतिम संस्कार में अलवर सांसद डॉ. करण सिंह यादव, बस्तीराम यादव, विधायक शकुंतला रावत, तिजारा विधायक मामन सिंह यादव, अलवर यूआईटी अध्यक्ष देवीसिंह शेखावत, पूर्व विधायक महिपाल सिंह यादव, सपा के प्रदेशाध्यक्ष मुकेश यादव, बालकिशन पुरोहित, जितेन्द्र शर्मा, पूर्व प्रधान मदनलाल यादव, जिला महासचिव केजी कौशिक, सैनक कल्याण अधिकारी बहरोड़ राजेन्द्र प्रसाद यादव, भूतपूर्व लीग अध्यक्ष सुआलाल यादव, नारायण दत्त शर्मा, वेदप्रकाश विद्रोही, हरिसिंह यादव, अरविंद यादव, युकां के अजय यादव, केजी कौशिक, कृष्ण पहलवान, कमल तिवाड़ी, कर्मचारी नेता मूलचंद गुर्जर, सरपंच सुनीता सुरेला, तहसीलदार सत्यनारायण छीपा, बीडीओ रामचन्द्र सैनी आदि लोग मौजूद थे।
ढाणी गुजरांवाली का नाम शहीद के नाम पर हो
ग्रामीणों एवं परिजनों ने जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित से गांव ढाणी गुजरांवाली का नाम शहीद संदीप यादव करने एवं हाजीपुर से बस स्टैंड से ढाणी तक आने वाली सड़क का नाम भी शहीद के नाम से करने व शहीद के भाई को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
पार्थिव देह हेलीकॉप्टर से आई
थानागाजी ग्रामीण. शहीद संदीप यादव की पार्थिव देह को लेकर पूरे राजकीय सम्मान के साथ सीमा सुरक्षा बल के हेलिकॉप्टर से जयसिंहपुरा हवाई पट्टी पर शनिवार शाम चार बजे पहुंचा। जहां से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों ने पूरे राज्य सम्मान के साथ शहीद संदीप यादव के पार्थिव देह को हेलीकॉप्टर से उतार कर फू लों से सजाए गए अपने केंद्र रिजर्व पुलिस बल के वाहन में रखकर कर सड़क मार्ग से उनके पैतृक गांव ढाणी गुर्जरोवाली ग्राम पंचायत हाजीपुर,बानसूर के लिए शाम चार बजकर 10 मिनट के लिए रवाना हुआ। इस मौके अंतरराज्यीय जल वितरण समीक्षा सैल अध्यक्ष डॉ. रोहिताश शर्मा, थानागाजी तहसीलदार अनुराग हरित, पुलिस उप महानिरीक्षक अजमेर से अनिल डोडियाल, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल अजमेर से कमाण्डेंट भरत कुमार वैष्णव व सहायक कमाण्डेंट नवजोत सिंह मौजूद थे।
पत्नी और माता हुई बेसुध
शहीद की पत्नी मनीषा सूचना मिलने के बाद को बेसधु हो गई। वहीं शहीद की मां का भी रो-रोकर बुरा हाल है। शहीद की पत्नी को पार्थिव देह के दर्शन के लिए लाया गया तो वो बेसुध होकर गिर पड़ी।
युवाओं ने निकाली तिरंगा रैली
शहीद की पार्थिवे देह गांव पहुंचने पर युवाओं ने गांव के मुख्य बस स्टैंड से घर तक बाइक पर तिरंगा लगाकर रैली निकाली।
पार्थिव देह तीस घंटे बाद पहुंचने पर जताई नाराजगी
शहीद की पार्थिव देह सूचना के करीब 30 तीस घंटे बाद गांव पहुंचा तो लोगों में प्रशासन के खिलाफ गुस्सा दिखा। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की और इसके लिए प्रशासन को जिम्मेदार बताया। शहीद के परिजनों ने बताया कि सुबह 7 बजे दिल्ली पहुंचने के बाद शव को गांव आने में 12 घंटे लग गए। पार्थिव देह को अलवर एवं नीमराणा की हवाई पट्टी भी उतारा जा सकता था। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे एडीएम द्वितीय को खरी खोटी भी सुनाई और केन्द्रीय मंत्री राठौड़ से इसकी शिकायत की। शव के तीस घंटे में आने पर सुबह से शहीद के घर बैठे परिजन एवं ग्रामीण भूखे प्यासे बैठे रहे। वहीं शहीद के घर में कल दोपहर से ही चूल्हा नहीं जला।
Published on:
15 Jul 2018 09:37 am
