आवक घटने से दूध के दाम उछले, उपभोक्ताओं की हालत पतली

जिले में दूध की आवक कम होने से पिछले साल की तुलना में इस साल दूध के भाव 8 से 10 रुपए प्रति किलोग्राम तक बढ़ गए हैं। दूध के भाव बढऩे से अकेले अलवर शहर में लोगों को हर दिन 8 से 10 लाख रुपए ज्यादा चुकाना पड़ रहा है।

Prem Pathak

December, 0506:00 AM

अलवर. जिले में दूध की आवक कम होने से पिछले साल की तुलना में इस साल दूध के भाव 8 से 10 रुपए प्रति किलोग्राम तक बढ़ गए हैं। दूध के भाव बढऩे से अकेले अलवर शहर में लोगों को हर दिन 8 से 10 लाख रुपए ज्यादा चुकाना पड़ रहा है। करीब चार लाख से ज्यादा आबादी वाले शहर में हर दिन अनुमानत: एक लाख लीटर से ज्यादा दूध की खपत है।

हर घर की जरूरत बन चुके दूध की कीमत में इस बार तेजी आई है। इसका मुख्य कारण इस साल बाजार व सरस डेयरी में दूध की आवक कम होना है। वर्तमान में बाजार में दूध की आवक कम होने से मिठाई, कलाकंद, खोया, पनीर, घी जैसे दूध आधारित उत्पादों की रेट में उछाल आया है। वहीं सरस डेयरी में भी दूध की आवक भी पिछली साल की तुलना में इस वर्ष घटकर करीब आधी रह गई है।

बाजार में 48, घरों पर 55 से 60 रुपए प्रति किलोग्राम तक

वर्तमान में बाजार में दूध की कीमत 48 रुपए प्रति किलोग्राम है। वहीं दूधियों के माध्यम से घरों तक पहुंच रहे दूध की कीमत 55 से 60 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। कॉलोनियों में डेयरी संचालक 60 रुपए प्रति किलोग्राम से ज्यादा भी दूध की कीमत वसूल रहे हैं। वहीं सरस डेयरी का दूध बाजार में 54 रुपए, 48 रुपए व 42 रुपए प्रति किलोग्राम में उपलब्ध हो पा रहा है।

सरस डेयरी में मांग से कम दूध की आवक

अलवर सरस डेयरी में दूध की आवक बाजार की मांग से कम है। वर्तमान में डेयरी में प्रतिदिन 1.40 से 1.50 लाख लीटर दूध की आवक ही हो पा रही है, जबकि पिछले साल इन्हीं दिनों में दूध की आवक तीन लाख लीटर प्रतिदिन से ज्यादा पहुंच गई थी। इतना ही नहीं बाहर की यूनियनों की ओर से पावडर बनाने के लिए भेजे जा रहे दूध का उपयोग भी वर्तमान में बाजार की दूध की मांग पूरी करने में करना पड़ रहा है। दूध की आवक घटने का विपरीत असर यह भी पड़ा कि सरस में दूध का पावडर का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है।

बढ़ रहे दूध के दाम, पशुपालकों को नहीं मिल रही पूरी रेट

बाजार में दूध के दाम में पिछले साल की तुलना में 8 से 10 रुपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि हो गई, लेकिन दूध उत्पादन करने वाले किसान को दूध का पूरा दाम नहीं मिल पा रहा है। इसका कारण जिले में दूध संग्रहण में जुटी करीब 1400 सोसायटी में दूध की पूरी खरीद नहीं होना तथा यहां से दूध सरस डेयरी में कम दूध भेजकर, शेष दूध को निजी डेयरियों को भेजा जाना बताया जा रहा है। वर्तमान में किसानों को 100 फैट के दूध की खरीद पर 65 रुपए प्रति किलोग्राम तथा दो रुपए मुख्यमंत्री मद में भुगतान किया जा रहा है।

पिछली साल की तुलना में इस वर्ष दूध महंगा

पिछले साल इन दिनों की तुलना में इस साल दूध के भाव 8 से 10 रुपए प्रति किलोग्राम ज्यादा है। दूध के भाव में तेजी का असर घी, मिठाई, पनीर व खोया आदि पर भी पड़ा है।

सुरेश चंद गुप्ता

दूध व मिठाई विक्रेता, कलाकंद मार्केट अलवर

Prem Pathak
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