
विधायक आहूजा ने इन्हें ठहराया रकबर की मौत का जिम्मेदार, गिरफ्तार लोगों का बताया निर्दोष
अलवर. रामगढ़ विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने कहा कि पुलिस अफसरों से निर्णय लेने में हुई गलती से रकबर की पुलिस कस्टडी में मौत हुई। एएसआई अकेला यह निर्णय नहीं ले सकता। आहूजा ने कहा कि एएसआई से उन्हें सहानुभूति है। एएसआई और सिपाही ऐसा नहीं कर सकते। यह तो ऊपर के अफसरों के गलत निर्णय का नतीजा है। उन्हें घायल रकबर को पहले अस्पताल में भर्ती कराना था। एफआईआर में भी पुलिस ने झूठ बोला कि रकबर को ललावंडी से सीधे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि वह तीन घंटे से ज्यादा पुलिस हिरासत में रहा। उन्होंने कहा कि सही बात जल्द सामने आ जाएगी और दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। मामले में गिरफ्तार लोगों को निर्दोष बताते हुए आहूजा ने पुरजोर पैरवी करने की बात कही। साथ ही असलम की गिरफ्तारी व मामले से जुड़े बड़े पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मैने पुलिस अफसरों से पंगा लिया हुआ है
आहूजा ने माना कि पुलिस उनके खिलाफ साजिश रच रही है। असलम से बयान दिलाया जा रहा है कि वे ज्ञानदेव आहूजा के आदमी थे और कह रहे थे कि हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मारो। उन्होंने कहा कि यह बड़ी साजिश है। इसका कारण यह है कि मैने दो पुलिस अफसरों से पंगा लिया हुआ है, लेकिन मैं किसी से नहीं डरता।
मुझसे यह बातें सहन नहीं होतीं
रामगढ़ विधायक ने कहा कि रामगढ़ सहित तिजारा, टपूकड़ा, किशनगढ़बास में लव जेहाद का मूवमेंट चल रहा है। वहां के जनप्रतिनिधि इसे लेकर भले ही नहीं बोले, लेकिन मुझसेे यह सहन नहीं होता। इसलिए इस मामले को लेकर शुरू से ही संघर्ष किया गया। अब गृहमंत्री ने भी इस बात को माना है। उन्होंने कहा कि लाडपुर से गाय नहीं लाने की बात सरासर झूठ है। रकबर व उसके साथी ने गाय यहीं से ली थी। फंसने के डर से अब से झूठ बोल रहा है।
Published on:
30 Jul 2018 04:16 pm
