5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एजेंडा रहित पहली बैठक में सिर्फ नसीहत और सुझाव

नवनिर्वाचित नगर परिषद बोर्ड की पहली बैठक बुधवार को नगर परिषद सभागार में हुई। करीब सवा घंटे चली बैठक का एजेंडा नहीं था। पहले सभी पार्षदों और कर्मचारियों का आपस में परिचय और स्वागत हुआ। फिर पार्षदों ने शहर की समस्या और विकास पर चर्चा कर कई सुझाव दिए।
2 min read
Google source verification

अलवर

image

Prem Pathak

Dec 05, 2019

एजेंडा रहित पहली बैठक में सिर्फ नसीहत और सुझाव

एजेंडा रहित पहली बैठक में सिर्फ नसीहत और सुझाव

अलवर. नवनिर्वाचित नगर परिषद बोर्ड की पहली बैठक बुधवार को नगर परिषद सभागार में हुई। करीब सवा घंटे चली बैठक का एजेंडा नहीं था। पहले सभी पार्षदों और कर्मचारियों का आपस में परिचय और स्वागत हुआ। फिर पार्षदों ने शहर की समस्या और विकास पर चर्चा कर कई सुझाव दिए। वहीं, कुछ पार्षद सभापति को नसीहत देने से भी नहीं चूके।


सभापति ने माफी से की शुरुआत

नगर परिषद बोर्ड की पहली बैठक का समय 11 बजे निर्धारित था। ज्यादातर पार्षद निर्धारित समय पर बैठक में पहुंच गए, लेकिन सभापति बीना गुप्ता 11.11 बजे बैठक में पहुंची। सभापति ने सबसे पहले सभी से बैठक में देरी से आने के लिए माफी मांगी और फिर बैठक शुरू की।


पहले पार्षद फिर कर्मचारियों ने दिया परिचय

बैठक शुरू होने के बाद सभापति बीना गुप्ता, उप सभापति घनश्याम गुर्जर समेत सभी पार्षदों ने एक-एक कर नाम और वार्ड के साथ अपना परिचय दिया। फिर नगर परिषद आयुक्त फतेहसिंह मीणा व अन्य कर्मचारियों ने नाम, पद और शाखा के साथ अपना परिचय दिया। पार्षद और नगर परिषद अधिकारी व कर्मचारियों ने सभापति और उप सभापति का स्वागत किया।

पार्षदों की समस्या, सुझाव और नसीहत


भाजपा के अशोक पाठक ने सभापति के सफाई अभियान की सराहना करते हुए कहा कि शहर में लावारिस पशु और पार्र्किंग बड़ी समस्या है। भाजपा के अरुण जैन ने समितियों के गठन पर चर्चा की। निर्दलीय अजय पूनिया ने सभापति को नसीहत देते हुए कहा कि आपकी रफ्तार बहुत तेज है। इसे थोड़ा धीमा करें। पहले चीजों को समझें फिर काम करें। उन्होंने सासंद और शहर विधायक की अनुमति के बिना बैठक को गलत बताया। साथ ही सफाई व्यवस्था में सुधार पर चर्चा करते हुए सभी सफाई कर्मचारियों को 7 दिवस में उनके मूल पदों पर भेजने की मांग की।

भाजपा के सतीश यादव ने कहा कि शहर में विकास की जिम्मेदारी सभी की है। भाजपा के सीताराम चौधरी ने वार्डों में रोडलाइट खराब होने का मुद्दा उठाया और कहा कि दो हजार लाइट खरीदकर वार्डों में लगाई जाएं। कांग्रेस के नारायण साईवाल बोले कि वार्डों में पार्षदों के हिस्ट्रीशीटर जैसे बोर्ड लगे हैं और एमपी एमएलए के इतने सुंदर बोर्ड हैं। नया बोर्ड सभी को साथ लेकर चले। कर्मचारियों के पास पार्षदों के मोबाइल नम्बर होने चाहिए। कांग्रेस के देवेन्द्र कौर ने कहा कि नए बोर्ड में भेदभाव नहीं सिर्फ काम होना चाहिए। निर्दलीय पार्षद धारासिंह ने अपने वार्ड में सीवरेज पाइप लाइन खराब होने की समस्या बताई। कांग्रेस के ही विक्रम यादव ने पूर्व पार्षद कपिलराज शर्मा की सडक़ हादसे में मौत की घटना की चर्चा करते हुए सभी पार्षदों का मेडिकल बीमा कराने की मांग की। निर्दलीय कमला सैनी ने एनईबी पार्क का नाम दिवंगत पार्षद कपिलराज शर्मा के नाम पर रखने की मांग की।

ये बोले सभापति और उपसभापति


सभापति बीना गुप्ता ने कहा कि नए बोर्ड में सब साथ मिलकर काम करेंगे। साफ-सफाई और विकास में कोई भेदभाव नहीं होगा। शहर के सभी 65 वार्डों की जिम्मेदारी उनकी है। सभी 65 वार्डों में सफाई के लिए 15 और नए ऑटो टिप्पर खरीदने को आयुक्त को कहा गया है। लावारिस पशु और पार्किंग की समस्या से भी जल्द ही शहरवासियों को छुटकारा दिलाया जाएगा।

उप सभापति घनश्याम गुर्जर ने कहा कि सभी को मिलकर कार्य करने होंगे, तभी शहर का विकास हो सकता है। सेनेटरी इंस्पेक्टर पार्षदों से तालमेल बिठाएं। कार्य के स्टेटमेंट के आधार पर कर्मचारियों की तनख्वाह बनाई जाए। शहर में सफाई, ऑटो टिप्पर, लावारिस पशु, पार्र्किंग और रोडलाइट व्यवस्था को बेहतर किया जाए।