
टिकट कटने से गड़बड़ाया सभापति के कई दावेदारों का गणित
अलवर.
निकाय चुनाव में इस बार कांगेस व भाजपा ने अलवर नगर परिषद चेयरमैन के मजबूत दावेदार माने जा रहे कई नेताओं को पार्षद का ही टिकट नहीं दिया। पार्टियों की इस रणनीति का असर यह हुआ कि ऐसे नेता अब शहर की सरकार के मुखिया बनने का दावा करने में पिछड़ गए हैं। निकाय चुनाव में कांग्रेस व भाजपा की ओर से अपनाई गई इस रणनीति की शहर में खासी चर्चा भी है। अब दोनों पार्टियों में राजनीतिक उठापटक भीतर ही भीतर शुरू हो गई है। जहां कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव संचालन समिति में चुनाव लडऩे वाले लोग शामिल रहे तो न्याय कैसे होता। वहीं भाजपा के दावेदारों का कहना है कि जिन्होंने उनको मैदान से पीछे हटाने का काम किया उनके कारनामे जल्दी सामने आ जाएंगे।
चुनाव में प्रतिद्वंद्वी ही नहीं अपनों के बीच भी राजनीति
नगर परिषद चुनाव में टिकट वितरण के बाद जो तस्वीर सामने आई है उससे लगता है कि पार्टी के नेताओं को प्रतिद्वंद्वी ही नहीं अपनों से भी मशक्कत झेलनी पड़ी है। टिकट कटने के बाद सभापति के कुछ दावेदारों ने कहा कि 40 सालों से पार्टी में है। आगे भी पार्टी में ही रहेंगे। लेकिन, कई बार पार्टी का होने का दिखावा करने वालों के हाथ में कमान होने पर असली कार्यकर्ता को भी मैदान से हटा दिया जाता है।
सबसे अधिक चर्चा जगदीश बेनीवाल की
जगदीश बेनवाल ने वार्ड 59 से कांग्रेस से टिकट मांगा। पार्टी के आला नेताओं के कहने पर नामांकन भरा। लेकिन, उनके नाम से सिंबल जमा नहीं हुआ। कांग्रेस में चेयरमैन के दोवदारों में पिछले कई दिनों से जगदीश बेनीवाल, अजय अग्रवाल व नीलेश खण्डेलवाल का नाम चर्चा में रहा। अब ये तीनों ही पार्षद चुनाव से बाहर हैं। बेनीवाल व खण्डेवाल को टिकट ही नहीं दिया। जानकारी है कि अजय अग्रवाल ने टिकट मांगा ही नहीं। टिकट कटने के बाद बेनीवाल ने कहा कि पार्टी के कहने पर नामंाकन भरा। टिकट नहीं देने का कारण समझ से परे हैं। इतना ही कहूंगा कि चुनाव संचालन समिति में खुद चुनाव लडऩे वाले हैं तो पूरी तरह न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती। फिर भी मैं हमेशा पार्टी के लिए कार्य करता रहूंगा।
जिसने टिकट कटवाया जल्दी सामने आ जाएगा : शशि तिवाड़ी
भाजपा ने नगर परिषद उप सभापति शशि तिवाड़ी का टिकट काट दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में मन से मेहनत की है। किसी से प्रभावित होकर टिकट काटा है। एक व्यक्ति ने टिकट कटवाया है। जिन्होंने ऐसा किया है बहुत जल्दी उनकी असलितय भी सामने आ जाएगी। मैंने मेरे वार्ड में पूरा विकास कार्य कराया। सभापति अशोक खन्ना को भी किसी वार्ड से टिकट नहीं मिला। हालांकि खन्ना का कहना है कि वार्ड महिला आरक्षित हो गया। इसलिए टिकट नहीं मांगा। पार्टी कहीं से लड़ाना चाहती तो अलग बात है। मैंने टिकट नहीं मंागा।
राजेश तिवाड़ी बोले वार्ड के कार्यकर्ता को नहीं मिला टिकट
वार्ड 60 से भाजपा ने मण्डल अध्यक्ष राजेश तिवाड़ी का टिकट काट दिया। जो अब निर्दलीय चुनाव मैदान में है। तिवाड़ी ने कहा कि वार्ड के किसी भी कार्यकर्ता को पार्टी टिकट देती तो चुनाव नहीं लड़ता। लेकिन बाहरी व्यक्ति को टिकट देने का विरोध है। मुझे वार्ड के कार्यकर्ता व जनता ने चुनाव में उतारा है। अब मैं उनके सम्मान के लिए लड़ रहा हूं। टिकट काटने का कारण तो पार्टी के नेता ही बता सकते हैं। मुझे नहीं लगता कोई कारण रहा होगा। जिसको टिकट दिया है वह वार्ड में रहता भी नहीं है।
Published on:
07 Nov 2019 06:00 am
