
दोनों ही पार्टियों ने दिग्गजों के टिकट काटे
अलवर.
मौजूदा शहर की सरकार के सभापति अशेाक खन्ना व उप सभापति शशि तिवाड़ी चुनाव मैदान से बाहर हो गए हैं। इसके अलावा कांग्रेस ने भी बड़े चेहरों के टिकट काट दिए हैं। पूर्व यूआईटी चेयरमैन जगदीश बेनीवाल व नीलेश खण्डेलवाल को टिकट नहीं दिया। इनके अलावा भी कुछ ऐसे टिकट के दावेदार रहे जिनको पार्टियों ने नकार दिया। जबकि वे राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे हैं। जिसके कारण दोनों ही पार्टियों में नगर परिषद चुनाव को लेकर आगे चुनावी उठापटक देखने को मिल सकती हैं। खास बात यह है कि सभापति अशोक खन्ना ने खुद का महिला वार्ड होने के कारण टिकट नहीं मांगा था। दूसरे वार्ड से टिकट दिया नहीं गया।
बेनीवाल को टिकट नहीं मिलने की रही चर्चा
नामांकन के आखिरी दिन कलक्ट्रेट में सबसे ज्यादा चर्चा कांग्रेस के जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष व यूआईटी चेयरमैन रह चुके जगदीश बेनीवाल को पार्टी की ओर से टिकट नहीं देने की चर्चा रही। बेनीवाल के निकाय चुनाव लडऩे की पिछले कई दिनों से चर्चा थी, लेकिन अंतिम समय तक पार्टी की ओर से घोषित नामों में बेनीवाल का नाम शामिल नहीं था।
अजय पूनिया को टिकट नहीं
कई सालों बाद भाजपा से बाहर रहे पार्षद अजय पूनिया हाल में भाजपा में वापस शामिल हुए थे। सबको उम्मीद थी कि उनको पार्टी टिकट देगी। लगातार 15 सालों से वे पार्षद चुने जा रहे हैं। इस बार भी अपने वार्ड में मजबूत हैं। जिसे देखते हुए लग रहा था कि उनको टिकट मिल सकता है लेकिन, ऐसा नहीं करके पार्टी ने चौका दिया। अब वे वार्ड 48 से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। वैसे भी पूनिया कई बार से निर्दलीय चुनाव जीतते आ रहे हैं।
नीलेश सक्रिय रहकर भी टिकट से दूर
कांग्रेस नेता नीलेश खण्डेलवाल पिछले करीब पांच साल पार्टी में सक्रिय रहे। पिछली बार पार्षद का चुनाव हार गए थे। लेकिन, पांच साल तक पार्टी के कार्यक्रमों में काफी आगे रहे। भाजपा सरकार में आंदोलन भी किए लेकिन, इस बार पार्टी ने उनको टिकट ही नहीं दिया।
मण्डल अध्यक्ष को नहीं मिला टिकट
भाजपा ने मण्डल अध्यक्ष राजेश तिवाड़ी की टिकट काट दी। जो मौजूदा पार्षद भी हैं और मण्डल अध्यक्ष भी। इसके अलावा नगर परिषद में बिजली समिति के अध्यक्ष हैं। इसी तरह वार्ड 29 में सामान्य सीट पर दीपक पंडित का टिकट फाइनल माना जा रहा था। लेकिन, उनको भी नहीं दिया गया।
Published on:
06 Nov 2019 06:00 am
