
बगावत के डेमेज कंट्रोल में जुटे राजनीतिक दल
अलवर. जिले की अलवर, भिवाड़ी नगर परिषद व थानागाजी नगर पालिका में 917 उम्मीदवारों के नामांकन पर्चा दाखिल करने से कांग्रेस व भाजपा की निकाय चुनाव में मुश्किलें बढऩे के आसार हैं। इसी आशंका को भांप दोनों ही प्रमुख दल बगावत के डेमेज कंट्रोल में जुट गए हैं। दोनो दलों के नेता व पदाधिकारी बड़ी संख्या में उतरे बागी उम्मीदवारों को पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में बिठाने की रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
निर्दलीय प्रत्याशियों में ज्यादातर भाजपा व कांग्रेस के
अलवर, भिवाड़ी व थानागाजी में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भरने वाले ज्यादातर वे ही व्यक्ति हैं, जो एक दिन पहले तक इन दलों से ही टिकट मांग रहे थे। टिकट नहीं देने पर निर्दलीय ही चुनाव मैदान में उतरने का निर्णय किया। अब भाजपा व कांग्रेस के चुनाव रणनीतिकार निर्दलीय प्रत्याशियों की जानकारी जुटा उनसे सम्पर्क साधने की तैयारी में हैं। इन दलों के नेता अब पार्टी के उन नेताओं को खोज रहे हैं, जो एक दिन पहले तक उन्हें टिकट दिलाने की पैरवी कर रहे थे। पार्टियों की रणनीति है कि टिकट की पैरवी करने वाले कार्यकर्ता व नेताओं की ओर से बागी उम्मीदवारों पर दवाब बनाकर उन्हें चुनाव मैदान से हटाया जा सके।
आज से तेज होंगी बागियों को बिठाने की कोशिश
निकाय चुनाव में नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 8 नवम्बर है। उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के लिए दो दिन बचे हैं। ऐसे में भाजपा व कांग्रेस नेताओं की रणनीति इन दो दिनों में ज्यादा से ज्यादा बागी उम्मीदवारों को अपने पक्ष में बिठाने की है। हालांकि अभी तक दोनों ही दलों के पक्ष के किसी भी उम्मीदवार के चुनाव मैदान से हटने का किसी भी दल के पदाधिकारि या नेता ने दावा भी नहीं किया है।
Published on:
07 Nov 2019 06:00 am
