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शहर की सरकार के लिए चुनाव प्रचार पकडऩे लगा जोर

शहर की सरकार के लिए मतदान में एक सप्ताह से कम समय बचा है, इस कारण प्रत्याशियों का चुनाव प्रचार जोर पकडऩे लगा है। अयोध्या मामले को लेकर जिले में धारा 144 लागू होने से प्रत्याशियों के समर्थन में पार्टियों के बड़े नेताओं की सभा व रैलियां नहीं हो पाई हैं, लेकिन ज्यादातर प्रत्याशी कार्यकर्ताओं के साथ घर-घर जाकर प्रचार कार्य में जुट गए हैं।
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अलवर

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Prem Pathak

Nov 11, 2019

alwar nikay chunav news

शहर की सरकार के लिए चुनाव प्रचार पकडऩे लगा जोर,शहर की सरकार के लिए चुनाव प्रचार पकडऩे लगा जोर

अलवर. शहर की सरकार के लिए मतदान में एक सप्ताह से कम समय बचा है, इस कारण प्रत्याशियों का चुनाव प्रचार जोर पकडऩे लगा है। अयोध्या मामले को लेकर जिले में धारा 144 लागू होने से प्रत्याशियों के समर्थन में पार्टियों के बड़े नेताओं की सभा व रैलियां नहीं हो पाई हैं, लेकिन ज्यादातर प्रत्याशी कार्यकर्ताओं के साथ घर-घर जाकर प्रचार कार्य में जुट गए हैं। ज्यादातर प्रत्याशियों ने चुनाव कार्यालय खोल माइक आदि से प्रचार शुरू कर दिया है।

नगर निकाय चुनाव के लिए आगामी 16 नवम्बर को मतदान होना है। इसके लिए प्रचार कार्य 14 नवम्बर की शाम 5 बजे थम जाएगा। यानि प्रत्याशियों को प्रचार के लिए मुश्किल से चार दिन का समय बचा है। इसके बाद प्रत्याशी मतदान से पूर्व तक केवल व्यक्तिगत सम्पर्क ही कर सकेंगे। चुनाव प्रचार के लिए कम समय बचता देख ज्यादातर प्रत्याशियों ने वार्ड में मतदाताओं के घर-घर पहुंच सम्पर्क का अभियान तेज कर दिया है। अब कई ऐसे प्रत्याशी भी वार्डों में नजर आने लगे हैं, जो कि कुछ दिन पहले तक चुनाव प्रचार में दिख नहीं पा रहे थे।

राजनीतिक दलों ने कार्यकर्ताओं को प्रचार में उतारा

प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों को चुनाव प्रचार में उतार दिया है। राजनीतिक दलों की ओर से कार्यकर्ताओं को अलग-अलग वार्डों का दायित्व सौंपा गया है। वहीं वार्डों का जातीय गणित साधने के लिए भी पार्टियों ने विभिन्न वर्गों के कार्यकर्ताओं को वार्डों में भेज अपने परिचितों व वर्ग के मतदाताओं से सम्पर्क साधने को कहा है। यही कारण है कि अब वार्डों में दूसरे क्षेत्रों के लोग भी वोट मांगते दिखाई पडऩे लगे हैं।

पार्टी नेता भी जुटे वोटों के जुगाड़ में

कार्यकर्ताओं के साथ ही राजनीतिक पार्टियों के नेता व पदाधिकारी भी अपनी पार्टी के प्रत्याशी के लिए वोटों का गणित बिठनों में जुट गए हैं। राजनीतिक पार्टियों के नेता चुनाव में निर्दलीय उतरे प्रत्याशियों के साथ ही बागी उम्मीदवारों को आगामी समय में कोई पद या अन्य तरीके से साधने में जुट गए हैं।

पार्टियों के नेता रणनीति बनाने में जुटे

चुनाव में कम समय बचने के कारण प्रमुख दलों के बड़े नेता अपनी-अपनी पार्टियों की रणनीति बनाने में जुट गए हैं। इन दिनों नेता व पार्टी पदाधिकारी वार्ड स्तर पर अपने प्रत्याशियों की स्थिति की समीक्षा कर प्रचार की रणनीति में लगे हैं। जिन वार्डों में प्रत्याशियों की स्थिति कमजोर होने की रिपोर्ट मिलती है, वहां के लिए अलग से प्रचार की रणनीति तैयार की जा रही है।

माइक लगे टेम्पो व पोस्टर, बैनर दिखने लगे

निकाय चुनाव के लिए अब वार्डों में विभिन्न प्रत्याशियों के पोस्टर, बैनर के साथ ही माइक से वोट की अपील करते टेम्पो घूमते दिखाई पडऩे लगे हैं। इस कारण वार्डों में अब चुनावी माहौल दिखाई देेन लगा है।