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अपने शतिर दिमाग से भोले-भाले युवकों को इस तरह ठगते थे ये चार बदमाश, अब पुलिस ने गिरफ्तार कर किया ऐसा

4 शातिर बदमाश नौकरी के नाम पर भोले-भाले युवकों को ठगते थे। इस तरह इन्होंने लाखों रुपए ठग लिए।
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अलवर

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Hiren Joshi

Jan 10, 2019

Alwar Police Arrest 4 Accused Of Thuggery On Name On Job In Alwar

अपने शतिर दिमाग से भोले-भाले युवकों को इस तरह ठगते थे ये चार लोग, अब पुलिस ने गिरफ्तार कर किया ऐसा

अलवर पुलिस ने नौकरी के नाम ठगी करने के मामले में मंगलवारको देर शाम गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को बुधवार को न्यायालय में पेश किया, जहंा से चारों आरोपियों को तीन दिन के पीसी रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस को आरोपियों से पूछताछ में गिरोह के सरगना सहित अन्य आरोपियों का सुराग व अन्य ठगी के मामलों के खुलासों की उम्मीद है।

कोतवाल बिजेंद्र मिल ने बताया कि मंगलवार को मुखबिर से सूचना मिली कि सरकारी नौकरी के नाम लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के लोग धोलागढ़ में एक सरसों के खेत में बैठकर राशि का बंटवारा कर रहे हैं। इस पर एएसआई बनवारी लाल के नेतृत्व में हैड कांस्टेबल हीरालाल, कांस्टेबल लक्ष्मी नारायण, निसार खां, चालक रविंद्र सिंह मय जाप्ते मौके पर पहुंचे तो वहां दो सफेद रंग की गाडिय़ां और उनके ड्राइवर बैठे थे। कुछ लोग सरसों के खेत में रुपयों का बंटवारा कर रहे थे।

पुलिस ने घेरा डालकर राजेश पुत्र रामनिवास यादव निवासी पूनखर मालाखेड़ा, रमेश पुत्र मनीराम गुर्जर निवासी समैड मालाखेड़ा, सौरभ पुत्र महेश ब्राह्मण निवासी बहतूकला कठूमर, विश्वेंद्र सिंह पुत्र कन्नू जाट निवासी सौख कठूमर को गिरफ्तार कर लिया। जबकि तीन जने फरार हो गए। तलाशी के दौरान राजेश से 2,40,000 रुपए, रमेश से 30,000 , सौरव से 2,94,000 व विजेंद्र से 30,000 रुपए मिले। जब इनसे पूछताछ की गई तो आरोपियों ने कुल रकम 5,94,000 रुपए एक युवक को विद्युत निगम में नौकरी लगवाने के नाम पर लेना स्वीकार किया।

पूछताछ में आरोपियों ने अपने साथियों का नाम लोकेंद्र सिंह पुत्र धर्म सिंह लोधा निवासी सौंख, महेंद्र सिंह पुत्र सुखराम जाटव निवासी बहतुकला, भागचंद जाति मीणा व गिरोह का मुखिया राकेश पुत्र शेर सिंह यादव निवासी नारनौल हरियाणा का नाम बताया और स्वीकार किया कि गिरोह के सरगना के कहे अनुसार हम नौकरी लगाने के नाम लोगों को झांसा देकर धोखाधड़ी करते थे। आरोपी सौरभ ने उसके पास मिली रकम में महेंद्र जाटव व राकेश यादव का हिस्सा व राजेश जाटव ने उसके पास मिली रकम में ओकेंद्र लोधा व भागचंद मीणा का हिस्सा होना बताया। पुलिस ने वहां खड़ी गाडिय़ों के चालकों से भी पूछताछ की लेकिन इस प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी में शामिल नहीं पाए जाने पर पुलिस ने उनको छोड़ दिया।