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अलवर पुलिस जिले में बिछा रही मुखबिरों का जाल, तैयार किए 60 हजार मुखबिर, हर गांव व ढाणी में रहेंगे तैनात

अलवर पुलिस ने जिले में मुखबिरों का जाल बिछा दिया है। नए मुखबिरों का जाल पुलिस को करेगा निहाल।
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अलवर

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Hiren Joshi

Jan 10, 2019

Alwar Police Making Informants In Each And Every Village of District

अलवर पुलिस जिले में बिछा रही मुखबिरों का जाल, तैयार किए 60 हजार मुखबिर, हर गांव व ढाणी में रहेंगे तैनात

अलवर. अपराध की रोकथाम और अपराधियों की धरपकड़ के लिए जिला पुलिस ने मुखबिरों का नया चक्रव्यूह तैयार किया है। जिलेभर में पुलिस ने करीब 60 हजार मुखबिर तैयार किए हैं, जो सीधे पुलिस से जुड़े हैं और पुलिस को लगातार सूचनाएं देने का काम कर रहे हैं। पुलिस भी इन नए मुखबिरों से बराबर सम्पर्क बनाए हुए है।

जिला पुलिस की ओर से पिछले दिनों जिलेभर में जनसहभागिता अभियान चलाया। जिसके तहत पुलिस ने गांव-ढाणी, कस्बे और शहरों में जाकर शिविर लगाए। शिविर से एक दिन पहले सम्बन्धित बीट कांस्टेबल ने इलाके में रात्रि विश्राम कर प्रमुख लोगों के बारे में जानकारी और मोबाइल नम्बर जुटाने का काम किया। अगले दिन थानाधिकारी, डीएसपी, एएसपी और एसपी स्तर के अधिकारियों ने शिविर के माध्यम से लोगों से सम्पर्क किया। इन जनसहभागिता शिविरों के माध्यम से पुलिस ने शहर व कस्बों के हर वार्ड, गांव और ढाणियों में रहने वाले वाले लोगों का रिकॉर्ड तैयार किया गया है। साथ ही 60 हजार नए मुखबिर तैयार कर दिए हैं। जिनके माध्यम से पुलिस इन क्षेत्रों में पूरी निगरानी बनाए हुए है।

सूचना तंत्र की जड़ें होंगी गहरी

नए मुखबिर जाल से जिले में पुलिस के सूचना तंत्र की जड़ें और गहरी हो सकेंगी। जिसका सीधा लाभ पुलिस को अपराध की रोकथाम और अपराधियों की धरपकड़ में मिलेगा। पुलिस ने इन नए मुखबिरों से सम्पर्क कर उनके इलाके में रहने वाले संदिग्ध लोगों और होने वाले घटनाओं के बारे में जानकारियां जुटाना भी शुरू कर दिया है।

जिले में करीब ढाई हजार पुलिस नफरी

जिले में पुलिस के पास करीब ढाई हजार नफरी है। जिले के क्षेत्रफल और आबादी के लिहाज से पुलिस की ये नफरी काफी कम है। ऐसे में जिले के हर गांव और ढाणी में पुलिस की तैनाती संभव नहीं है। वहीं, बीच में पुलिस का मुखबिर तंत्र भी कमजोर पड़ गया था। जिसके कारण अपराध की रोकथाम और अपराधियों की धरपकड़ में पुलिस को पसीने छूटे। अब सभी इलाकों से पुलिस को हर अपराध और अपराधी के बारे में जानकारी नए मुखबिरों के माध्यम से पुलिस को सहजता से मिल सकेगी।

डेटाबेस तैयार

जनसहभागिता अभियान के माध्यम से पुलिस ने जिले के शहर, कस्बे, गांव और ढाणी में रहने वाले लोगों का पूरा डेटाबेस भी तैयार किया है। जिसमें पुलिस ने क्षेत्र के सभी धार्मिक स्थलों, नौकरीपेशा, बिजनेसमैन, आपराधिक तत्व और हथियार रखने वाले में रहने वाले लोगों आदि के बारे में जानकारी जुटाई गई है।

सूचना मिलना शुरू

जिला पुलिस की ओर से हर शहर, कस्बे, गांव और ढाणी में जनसहभागिता शिविर आयोजित कर लोगों का रिकॉर्ड तैयार किया है। इस दौरान पुलिस ने करीब 60 हजार नए मुखबिर तैयार किए हैं। जिनके माध्यम से पुलिस को अपराध और अपराधियों के बारे में सूचना मिलना शुरू हो चुकी है।
राजेन्द्र सिंह, जिला पुलिस अधीक्षक, अलवर।