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जिले के कांग्रेस के 2500 कार्यकर्ताओं को मिलेगी सत्ता में हिस्सेदारी!

निकाय चुनाव के बाद राजनीतिक पार्टियां अब पंचायत चुनाव का तानाबाना बुनने में जुट गई हैं। गांव की सरकार के चुनाव से पहले कांग्रेस की अपने कार्यकर्ताओं को साधने की तैयारी है।
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अलवर

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Prem Pathak

Nov 12, 2019

जिले के कांग्रेस के 2500 कार्यकर्ताओं को मिलेगी सत्ता में हिस्सेदारी!

जिले के कांग्रेस के 2500 कार्यकर्ताओं को मिलेगी सत्ता में हिस्सेदारी!

अलवर. निकाय चुनाव के बाद राजनीतिक पार्टियां अब पंचायत चुनाव का तानाबाना बुनने में जुट गई हैं। गांव की सरकार के चुनाव से पहले कांग्रेस की अपने कार्यकर्ताओं को साधने की तैयारी है। जल्द ही कांग्रेस सरकार की विभिन्न जिला स्तरीय व ब्लॉक स्तरीय समितियों में पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोनयन करेगी। अकेले अलवर जिले में 2500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को इन समितियों में पद देने की तैयारी है।

प्रदेश में निकाय चुनाव का प्रथम चरण इसी माह पूरा होना है। वहीं सरकार आगामी दो महीने में पंचायत चुनाव कराने की तैयारी में जुटी है। पंचायत चुनाव के जरिए हर राजनीतिक दल ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पैठ जमाने को आतुर है। खासकर कांग्रेस एक बार फिर गांवों में अपनी पकड़ मजबूत करने के प्रयास में है। यही कारण है कि कांग्रेस ने गांव स्तर के कार्यकर्ताओं को सरकार में भागीदार देकर साधने की तैयारी कर ली है।

60 जिला व 27 ब्लॉक स्तरीय समितियों में मनोनयन

राज्य सरकार की जिला स्तर पर करीब 60 समितियां हैं। इनमें सरकार की ओर से गैर सरकारी सदस्यों का मनोनयन किया जाना है। हर समिति में करीब 150 सदस्यों का मनोनयन होना है। वहीं ब्लॉक स्तर पर 27 विभिन्न समितियों में 150 गैर सरकारी सदस्यों का मनोनयन होना है। अलवर जिले में 16 तहसील क्षेत्रों में ब्लॉक स्तरीय समितियां हैं।

जिले में 2500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं का मनोनयन

जिला स्तरीय 60 समितियों में 150 सदस्यों का मनोनयन होना है। इन समितियों में गैर सरकारी सदस्यों का मनोनयन होता है। इन समितियों में कांग्रेस के करीब 150 वरिष्ठ सदस्यों को जगह मिलना तय है। इन समितियों में कई समितियां ऐसी हैं जिनका आमजन से सीधा वास्ता रहता है। ऐसे में समितियों में शामिल होने से कार्यकर्ताओं की सरकार में भागीदारी तय हो सकेगी। वहीं ब्लॉक स्तरीय 27 समितियों में भी 150 सदस्यों का मनोनयन होना है। यानि जिले में 16 तहसीलों में ये समितियां बननी है और इन समितियों में करीब 150 सदस्यों का मनोनयन किया गया तो करीब 2500 जिला व गांव स्तर के कार्यकर्ताओं को सरकार में भागीदारी मिलना तय हो जाएगा।

मनोनयन का यह मिलेगा लाभ

सरकारी समितियों में गैर सरकारी सदस्यों के मनोनयन से सत्ताधारी दल अपने ज्यादातर छोटे-बड़े कार्यकर्ता को सरकार में भागीदारी के नाम पर साध सकेगी। पार्टी नताओं का मानना है कि कार्यकर्ताओं का समितियों में मनोनयन का लाभ आगामी पंचायत चुनाव में मिलने की उम्मीद है।

यूआईटी व बोर्ड में भी मनोनयन जल्द

सूत्रों का कहना है कि जिला एवं ब्लॉक स्तरीय समितियों में गैर सरकारी सदस्यों के मनोनयन की प्रक्रिया के बाद सरकार की ओर से यूआईटी व बोर्ड और निगमों में भी गैर सरकारी सदस्यों की नियुक्ति करने की तैयारी है। अलवर जिले में अलवर व भिवाड़ी में चेयरमैन व ट्रस्ट का गठन किया जाना है। जिले में कांग्रेस के कई नेता यूआईटी, बोर्ड व निगम तथा यूआईटी ट्रस्ट में जगह पाने की कतार में हैं।