
किसी का टिकट कटा तो कोई हारे चुनाव, फिर भी सोशल मीडिया पर बने हुए हैं मंत्री व विधायक
अलवर. विधानसभा चुनाव में अलवर जिले में भाजपा के एक विधायक को छोडक़र सभी सीटों पर नए चेहरों का उतारा गया। भाजपा के एक विधायक जिन्हें टिकट मिला वे भी चुनाव हार गए। लेकिन चुनाव हारने के बाद भी सोशल मीडिया अकाउंट अपडेट नहीं किया, इस कारण उनके अकाउंट पर अब भी एमएलए ही दर्शा रहा है। पिछले कार्यकाल में जिले में भाजपा से जो विधायक थे, इस बार उनमें से एक भी दोबारा विधायक नहीं बन सका। फिर भी उन्होंने अपने फेसबुक व ट्विटर अकाउंट पर एमएलए या मंत्री लिख रखा है। हमने अलवर के पूर्व विधायकों के अकाउंट सोमवार शाम चेक किए तो किसी भी पूर्व विधायक का अकाउंट अपडेट नहीं मिला।
पूर्व केबिनेट मंत्री हेमसिंह भडाना इस बार निर्दलीय चुनाव लड़े, फिर भी अपने फेसबुक अकाउंट पर स्वयं को एमएलए व ट्विटर अकाउंट पर केबिनेट मंत्री दर्शा रखा है। वहीं पूर्व मंत्री डॉ. जसवंत यादव ने फेसबुक पर बायो में श्रम व रोजगार मंत्री दर्शाया हुआ है। किशनगढ़बास से चुनाव हारे पूर्व विधायक रामहेत सिंह यादव का फेसबुक पेज रामहेत सिंह यादव एमएलए नाम से बना हुआ है, उन्होंने भी इसे अपडेट नहीं किया है। तिजारा से विधायक रहे मामन सिंह यादव ने भी फेसबुक पेज पर अपने नाम के पीछे कोस्टक में एमएलए तिजारा लिखा हुआ है, वहीं ट्विटर अकाउंट पर भी यादव ने स्वयं को तिजारा विधानसभा से विधायक बताया है। अलवर ग्रामीण से विधायक रहे जयराम जाटव का इन चुनावों में टिकट कटा था, लेकिन उन्होंने भी फेसबुक अकाउंट पर एमएलए लिख रखा है। कठूमर के पूर्व विधायक मंगलराम कोली ने भी अपने फेसबुक अकाउंट पर अपने नाम के पीछे एमएलए लिख रखा है। वहीं रामगढ़ के पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा को पार्टी ने प्रदेश उपाध्यक्ष बना दिया है, लेकिन उन्होंने भी फेसबुक अकाउंट पर अपना पद एमएलए लिखा हुआ है। अन्य विधायकों के सोशल मीडिया अकाउंट भी अभी अपडेट नहीं किए गए हैं।
सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं
ऐसा नहीं है कि ये नेता अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट नहीं करते। इनमें से ज्यादातर नेता सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं, लेकिन इन्होंने अपने अकाउंट अपडेट नहीं किए हैं।
Updated on:
18 Dec 2018 11:14 am
Published on:
18 Dec 2018 11:14 am
