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alwar polution problam news एपिका चेयरमैन भिवाड़ी में खतरनाक स्तर के वायु प्रदूषण पर हुए नाराज, अफसरों को फटकार लगाई

alwar polution problam news सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एपका के चेयरमैन डॉ. भूरेलाल के नेतृत्व में शनिवार को भिवाड़ी उद्योगों में हो रहे वायु प्रदूषण का जायजा लेने आई टीम ने यहां की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई।
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अलवर

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Prem Pathak

Oct 20, 2019

alwar polution problam news एपिका चेयरमैन भिवाड़ी में खतरनाक स्तर के वायु प्रदूषण पर हुए नाराज, अफसरों को फटकार लगाई

alwar polution problam news एपिका चेयरमैन भिवाड़ी में खतरनाक स्तर के वायु प्रदूषण पर हुए नाराज, अफसरों को फटकार लगाई

अलवर. alwar polution problam news सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एपका के चेयरमैन डॉ. भूरेलाल के नेतृत्व में शनिवार को भिवाड़ी उद्योगों में हो रहे वायु प्रदूषण का जायजा लेने आई टीम ने यहां की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई।

एपिका चेयरमैन डॉ. भूरेलाल ने निवर्तमान पीसीबी के निवर्तमान आरओ केसी गुप्ता को भिवाड़ी की गलत रिपोर्टिंग करने को लेकर कोसा और हाल आरओ विवेक गोयल, नगर परिषद आयुक्त धर्मपाल जाट एवं मुख्य अभियंता विजय सिंघल को भी लताड़ लगाई।

alwar polution problam news एपिका टीम को वायु प्रदूषण का करना था सर्वे

एपिका चेयरमैन के आने से चार-पांच दिन पूर्व से ही उनकी टीम भिवाड़ी में चल रहे वायु प्रदूषण का सर्वे कर रही थी। शनिवार को भिवाड़ी आए एपका चेयरमैन डॉ. भूरेलाल को अलवर और भरतपुर जिले के अधिकारियों की बैठक लेकर वायु प्रदूषण की समीक्षा करनी थी। इसके लिए शनिवार को बीएमए सभागार में हुई बैठक में डॉ. भूरेलाल को पीसीबी, नगर परिषद और रीको सहित अन्य संबंधित विभागों के व्यवस्थावादी अधिकारियों ने वायु प्रदूषण को लेकर भिवाड़ी की स्थिति संतोषजनक बताई। लेकिन बीएमए सचिव जसवीर सिंह के आग्रह पर जब वे स्वयं बीएमए भवन से निकलकर डंपिंग यार्ड वगैरह का अवलोकन करने गए तो वहां के हालात देखकर उखड़ गए। दरअसल बिना चारदीवारी के डंपिंग यार्ड में खुलेआम औद्योगिक कचरा जलाया जाता है, जिससे वायु प्रदूषण की मात्रा अपनी सीमा को लांघ जाती है।

alwar polution problam news डम्पिंग यार्ड की दयनीय स्थिति पर हुए नाराज

खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में उन्होंने जायजे के दौरान वहां के डंपिंग यार्ड अधिक दयनीय स्थिति में पाए, जिस पर उन्होंने जबरदस्त नाराजगी जताई। हालांकि श्रीसीमेंट उद्योग सहित कुछ कंपनियों की व्यवस्था पर संतोष भी जाहिर किया। इस दौरान उनको स्थानीय व्यवस्थावादी प्रशासन ने उनके काम मेंं आड़े आने वाली परेशानियां भी गिनाई, लेकिन वे उनकी बातों से संतुष्ट नजर नहीं आए।

सर्वे में प्रदूषण मिला था औसत से ज्यादा

गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने राजस्थान के भिवाड़ी, जयपुर, पाली और जोधपुर सहित देशभर के सौ से अधिक औद्योगिक शहरों में अनियंत्रित वायु प्रदूषण के चलते इनमें नए रेड और ऑरेंज श्रेणी के उद्योग स्थापित करने पर पूर्णतया रोक लगाई हुई है। वहीं ग्रीन एवं व्हाइट श्रेणी के साथ नियम मानने वाले उद्योगों को प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। यह कार्रवाई केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल के २०१८ के सर्वे के दौरान दौरान वायु प्रदूषण सूचकांक के औसत से अधिक मिलने पर की गई थी। एनजीटी का कहना है कि किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वह प्रदूषण फैलाकर व्यापार करे।

ये थे मौजूद

आरएसपीसीबी सीईई विजय सिंघल, एडीएम अलवर रामचरण शर्मा, बीडा सीईओ पुष्करराज शर्मा, भरतपुर यूूआईटी सचिव उम्मेदीलाल मीणा, भिवाड़ी नप आयुक्त धर्मपाल जाट, सीनियर आरएम रीको अलवर अदिति शर्मा, सीनियर आरएम रीको यूनिट-१ भिवाड़ी एके सक्सेना, सीनियर आरएम रीको नीमराणा एससी गर्ग, आरओ आरएसपीसीबी अलवर ओपी गुप्ता, आरओ आरएसपीसीबी भिवाड़ी विवेक गोयल, मत्स्य उद्योग संघ अलवर अध्यक्ष, नीमराणा औद्योगिक एसोसिएशन अध्यक्ष, भरतपुर ईंट उद्योग अध्यक्ष, यातायात डीएसपी भरतपुर, बीएमए अध्यक्ष सुरेंद्रसिंह चौहान, उपाध्यक्ष एसके सिंघल, सचिव जसवीर सिंह, कोषाध्यक्ष जीएल स्वामी सहित अनेक उद्यमी मौजूद रहे।