
अलवर की सडक़ों की हालत खराब, लेकिन प्रशासन का इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने पर ज्यादा ध्यान
अलवर . इन दिनों अलवर शहर में सडक़ बनाने से ज्यादा इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने पर ध्यान है। तभी तो हर सडक़ के बाहरी हिस्से को इंटरलॉकिंग टाइल्स से बांधा जा रहा है। सिर्फ इसिलए कि मिट्टी अधिक नहीं उड़े जबकि बारिश के पानी की निकासी और हरियाली को लेकर चिंता नहीं हैं। जिसके कारण जनजीवन ही संकट में है।
अलवर शहर में पिछले करीब दो-ढाई साल से सडक़ के साथ बगल की जगहों पर इंटरलॉकिंग टाइल्स मनचाहे जहां लगाई जा रही हैं। कई जगहों पर तो सडक़ की जगह टाइल्स ही बिछा दी गई। काम चाहे नगर परिषद क्षेत्र में हो गया यूआईटी में। अब तो पीडब्ल्यूडी की बड़ी सडक़ों पर भी टाइल्स जमाई जा रही हैं। कार्य शहर में जहां भी सडक़ बनाई जा रही हैं वहां चल रहा है। खास बात यह है कि पानी की निकासी के बिना सडक़ टूटती है। जिस पर कोई ध्यान नहीं है। न रोड के बगल में हरियाली लगाने में दिलचस्पी है। जिस जगह पर ड्रेनेज सिस्टम के तहत नाली लगनी चाहिए या फिर पेड पौधे वहां पर टाइलस लग रही है। जानकारों का कहना है कि इन टाइल्स का कोई औचित्य न हीं है। सडक़ के दोनों तरफ पेड़-पौधे लगाने की जगह भी नहीं बच रही।
अतिक्रमण ही दिखेगा
सडक़ के बगल में टाइल्स की जगहों पर अभी से अतिक्रमण होने लग गया है। अस्थाई दुकानदार इस पर अपने ठेले लगाने लगे हैं। जब पानी की निकासी नहीं होगी तो ये भी धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होती जाएंगी।
अपने स्तर से लगा रहे टाइल्स
सभी सडक़ें अलग-अलग ठेकेदारों के जरिए बनाई जा रही है। वे अपने स्तर से टाइल्स ला रहे हैं। कुछ बना भी रहे हैं। सडक़ के बगल में टाइल्स लगाई जा रही है। ताकि मजबूती रहे। कभी खुदाई करने पड़े तो सडक़ को नहीं तोडऩा पड़े।
एमएल मीना, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी
Published on:
24 Aug 2018 03:33 pm
