
कागजों में सिमटी नगर विकास न्यास अलवर की यह योजना
अलवर. नगर विकास न्यास अलवर ने बारिश के आने से पहले 10 हजार पौध लगाने का लक्ष्य तय कर वाहवाही तो लूट ली लेकिन, हकीकत में कुछ भी नहीं हुआ है। एक भी जगह पौधे लगाने का गड्ढ़ा तक नहीं खोदा गया है। न पौधे खरीदे गए हैं। अभी तो यूआईटी के अधिकारी पौधे लगाने का ठेका देने की तैयारी कर रहे हैं जबकि बारिश का आधा सीजन बीतने जा रहा है।
दो मई को आए तूफान के जिले भर में 15 हजार से अधिक पेड़ टूटे थे। उनकी भरपाई के लिए न्यास ने अलवर शहर में 10 हजार पौधे लगाने का निश्चत किया जिसके लिए टेण्डर करने की प्रक्रिया चल रही है। यूआईटी अपने स्तर पर कुछ कार्य नहीं कर पा रही। जब तक ठेका होगा बारिश का मौसम बीत जाएगा। जानकारों का कहना है कि बारिश के मौसम शुरू होते ही पौधे लगाने चाहिए ताकि उस सीजन में उनकी जड़ें जमीन में पकड़ जाएं। आगे भी बराबर पानी मिलने से ही पौधे पेड़ बन सकेंगे।
वन विभाग के पौधे भी ठेके पर :
उधर, भवानी तोप स्थित कृषि विभाग भी ठेकेदार के जरिए पौधे बेच रहा है जो आए दिन मनमर्जी के भावों से दे रहा है। यहां से लोग पौधे लेकर जा रहे हैं लेकिन सरकारी विभागों के जरिए पौधरोपण करने का कार्य बिल्कुल ढीला है। अभी तक वन विभाग ने भी तय नहीं किया है कि कहां-कितने पौधे लगाए जाएंगे। आमजन जरूर अपने घर, पार्क व खेतों में पौधे लगाने में लगे हैं।
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सेवा समिति ने किया सम्मानित
अलवर . श्री प्रताप राजपूत सेवा समिति के तत्वावधान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मूल सिंह राणा और जय सिंह नाथावत का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में यूआईटी चेयरमैन देवी सिंह शेखावत ने कहा कि व्यक्ति बिना शिक्षक उत्तम संस्कारों का निर्वाह नहीं कर पाता। इस दौरान जितेन्द्र सिंह पलवा, कै. नन्द सिंह आदि मौजूद रहे।
यूआईटी के जरिए शहर में 10 ल ाख पौधे लगाए जाएंगे। जिसके लिए जल्दी टेण्डर किया जाएगा। अभी तैयारी चल रही है। पौधों की देखरेख का जिम्मा भी दिया जा रहा है।
पीके जैन, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, यूआईटी अलवर
Published on:
27 Jul 2018 09:13 am
