
धर्मपुरा गांव में पानी की समस्या से लोग बेेहाल, इस प्रकार अपनी प्यास बुझाने को मजबूर है ग्रामीण
अलवर. उमरैण पंचायत समिति के गांव धरमपुरा के पास कोली बस्ती में पिछले सात महीने से पानी की समस्या बनी हुई है। इस कारण ग्रामीणों को नटनी का बारा से जयसमंद की ओर आने वाली नदी का पानी छानकर पीना पड़ रहा है। बस्ती में शुद्ध पानी की उपलब्धता नहीं होने से बच्चे बीमारी का शिकार हो रहे हैं। इस गांव की बस्ती में पच्चीस घर की आबादी है, लेकिन यहां सरकारी बोरिंग और हैडपम्प की सुविधा नहीं है। कई बार गांव की महिलाएं होटलों व ढाबों से पानी भरकर गुजार करती थी, लेकिन होटल संचालकों की ओर से पानी भरने को मना करने लगे हैं। पानी के अभाव में बस्ती की महिलाएं नदी से छानकर पानी लाने को मजबूर हैं।
समस्या बताई, नहीं हुई कार्रवाई
बस्ती की महिलाओं का कहना है कि यहां पिछले सात महीने से पानी नहीं आ रहा है। इस कारण होटलों और नदी के पानी से पानी से गुजारा करना पड़ रहा है। इससे बच्चे बीमार हो रहे हैं। पानी की समस्या से कई बार सरपंच और अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। गांव में सरकारी बोरिंग और हैंडपम्प की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में नदी का पानी कपड़े से छानकर पीना पड़ रहा है। महिलाओं का कहना है कि गांव में तो पानी की बोरिंग, हैंडपम्प की सुविधा है लेकिन कोली बस्ती में पानी की सुविधा नहीं है।
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प्रशासन के पास नहीं है, आपदा से निपटने के लिए प्रभावी कार्ययोजना
अलवर . मौसम विभाग की प्रदेश सहित 19 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी होने के बावजूद भी जिला प्रशासन की ओर से बाढ व अतिवृष्टि से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। इस संबंध में कांग्रेस जिलाध्यक्ष टीकाराम जूली का कहना है, कि प्रशासन के पास संभावित आपदा से निपटने के लिए प्रभावी कार्ययोजना का अभाव है। इसका खामियाजा आगामी दिनों में आमजन को उठना पड़ सकता है। इससे पूर्व भी प्रशासन की लापरवाही के चलते मौसमी बरसात से 9 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। वहीं नगर परिषद् के नेता प्रतिपक्ष नरेन्द्र मीना ने बताया कि प्रशासन की ओर से मानसून से पूर्व नाले-नालियों की साफ-सफाई भी नहीं कराई गई है। इसके कारण बरसात के दौरान आमजन का भारी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
Published on:
02 Jul 2018 03:50 pm
