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23 मई को अलवर को मिलेगा नया सांसद, हर तरफ एक ही चर्चा, नए सांसद के सामने होंगी यह चुनौतियां

फिलहाल हर तरफ चुनाव परिणाम के समीकरण बैठाए जा रहे हैं और चुनाव में हार-जीत के कयास लगाए जा रहे हैं।
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अलवर

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Hiren Joshi

May 17, 2019

Alwar Will Get New MP On 23rd May

23 मई को अलवर को मिलेगा नया सांसद, हर तरफ एक ही चर्चा, नए सांसद के सामने होंगी यह चुनौतियां

अलवर. अलवर जिले को शुक्रवार से ठीक एक हफ्ते बाद 23 मई को नया सांसद मिलेगा। जिले 6 मई को हुए लोकसभा चुनाव के बाद से ही चर्चा है कि अलवर से कौन जीतेगा?
गली-मोहल्लों और चाय की दुकान पर केवल चुनावी चर्चा चल रही है। लोग प्रत्याशियों की जीत-हार के कयास लगा रहे हैं। लोगों में यह चर्चा है कि राठ क्षेत्र से कौन बढ़त लेगा, मीणावाटी से किसकी जीत तय होगी? इसके साथ ही बसपा के इमरान का इस चुनाव में कैसा प्रदर्शन होगा। वे कितने वोट लेंगे?, जीतेंगे या किसी प्रत्याशियों को नुकसान पहुंचाएंगे, ऐसी तमाम बाते इन दिनों अलवर वासियों की जुबां पर है।

लोकसभा चुनाव में अलवर लोकसभा सीट पर 66.76 प्रतिशत मतदान हुआ, जो कि पिछले चुनाव से 1.49 प्रतिशत अधिक है। सबसे अधिक वोटिंग बहरोड़ में 71.42 प्रतिशत व सबसे कम वोटिंग राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ सीट पर हुई 60.72 प्रतिशत हुई।

इन चुनाव में क्या रहे प्रमुख मुद्दे

लोकसभा चुनाव में अलवर का सबसे बड़ा मुद्दा पानी की समस्या रहा। जिसे कांग्रेस व भाजपा प्रत्याशियों ने उठाया। इसके अलावा अलवर में चंबल का पानी लाना, मेडिकल कॉलेज आदि मुद्दे जनता और नेताओं की जुबां पर रहे। भाजपा प्रत्याशी महंत बालक नाथ ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर वोट मांगे, तो कांग्रेस प्रत्याशी जितेन्द्र सिंह ने उनके पिछले कार्यकाल में कराए गए कार्यों का जिक्र करते हुए प्रचार किया। अब यह तो 23 मई को ही पता चलेगा कि किस प्रत्याशी की बातों को जनता से सुना है।

अगले सांसद के लिए यह चुनौतियां

अलवर जिले के आगामी सांसद के लिए कई चुनौतियां होंगी, सबसे बड़ी चुनौती अलवर में पानी की किल्लत को पूरा करना। अलवर की जनता दशकों से चंबल का पानी आने की बात सुन रही है, अब अलवर मे पानी की कमी महसूस होने लगी है, ऐसे में आगामी सांसद के सामने चंबल का पानी अलवर लाने की चुनौती होगी। इसके अलावा केन्द्र सरकार की ओर से 800 करोड़ की लागत से बना मेडिकल कॉलेज अभी तक शुरु नहीं हो पाया है। आगामी सांसद के लिए मेडिकल कॉलेज को शुरु करने की चुनौती होगी। इसके अलावा प्रदूषण पर लगाम, अवैध खनन पर रोक, औधोगिक विकास जैसे कई काम होंगे जिसे कराना सांसद के लिए चुनौती होगी।