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आनंदपाल के भाई ने दी थी सिम, इस कुख्यात गैंगस्टर ने सूखी रोटी के साथ जला दी, फिर जो हुआ जानकर आपके भी उड़ जाएंगे होश

आनंदपाल के भाई ने सिम दी और कुख्यात गैंगस्टर ने सूखी रोटी के साथ जला नाले में फेंक दी।
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अलवर

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Prem Pathak

Jul 18, 2018

Anand pal's brother vicky supplied sim to gangster ashok thakariya

आनंदपाल के भाई ने दी थी सिम, इस कुख्यात गैंगस्टर ने सूखी रोटी के साथ जला दी, फिर जो हुआ जानकर आपके भी उड़ जाएंगे होश

अलवर. बहरोड़ पालिका उपाध्यक्ष राकेश शर्मा की हत्या की साजिश के सारे सबूत ठाकरिया ने अजमेर जेल में सूखी रोटियों के साथ जला दिए। ठाकरिया ने पालिका उपाध्यक्ष की हत्या के लिए जिस मोबाइल व सिम से अपने साथी राकेश यादव से बात की, उन्हें उसने पालिका उपाध्यक्ष की हत्या के बाद अपनी बैरक में रखी सूखी रोटियों के साथ जला दिया। बाद में अधजले मोबाइल व सिम को तोडकऱ नाले में फेंक दिया।

प्रोडक्शन वारंट पर बहरोड़ लाए ठाकरिया के इस खुलासे के बाद पुलिस उसे अब वापस अजमेर जेल लेकर गई है। यहां पुलिस नाले से सिम व मोबाइल की बरामदगी का प्रयास करेगी। गौरतलब है कि ठाकरिया को यह सिम कुख्यात गैंगेस्टर आनंदपाल के भाई विक्की ने उपलब्ध कराई थी। विक्की व उसके साथी भी अजमेर जेल में बंद हैं।

भरतपुर स्टेशन पर दी हथियारों की डिलीवरी

पालिका उपाध्यक्ष की हत्या के लिए ठाकरिया ने गोरखपुर से हथियार मंगाए। उसे आनंदपाल के ही एक साथी सुनील पांडे से हथियार उपलब्ध कराए। पांडे ने भरतपुर स्टेशन पर इन हथियारों की सप्लाई दी। यहां से इन हथियारों को बांदीकुई लाया गया। जहां से इन्हें ठाकरिया के साथियों के सुपुर्द किया गया। यह सारा कार्य गोपनीय तरीके से किया गया। इसके लिए व्हाट्सएप का उपयोग किया गया। गोरखपुर से हथियार लाने वाले और भरतपुर स्टेशन पर डिलीवरी लेने वाले ने एक-दूसरे को व्हाट्सएप पर अपने फोटो भेजे। इसके बाद भरतपुर स्टेशन पर उसी व्यक्ति को हथियार दिए गए, जिसका व्हाट्सएप पर फोटो शेयर किया गया था।

एक ही बाड़े में बंद थे ठाकरिया व विक्की

ठाकरिया व विक्की अजमेर जेल में एक ही बाड़े में बंद थे। यहां उनके बैरक जरूर अलग-अलग थे, लेकिन उनकी बाड़े में रोज मुलाकात होती थी। ऐसी ही एक मुलाकात के दौरान ठाकरिया ने विक्की को अपनी व्यथा सुनाई। उसने विक्की को बताया कि यदि वह पालिका उपाध्यक्ष राकेश को जल्द ही नहीं मार सका तो वह उसे मार देगा। इस पर विक्की ने उसे सिम उपलब्ध कराई, जिससे ठाकरिया ने जेल से बाहर चल रहे अपने साथी राकेश यादव से बात की और पालिका उपाध्यक्ष की हत्या की साजिश रची। गौरतलब है कि पालिका उपाध्यक्ष की हत्या में ठाकरिया के हाथ के बाद जेल प्रशासन ने अशोक ठाकरिया को अजमेर से भीलवाड़ा जेल में शिफ्ट कर दिया।

आनंदपाल के भाई से भी होगी पूछताछ

अजमेर जेल मे ठाकरिया के साथ बंद रहने वाले कुख्यात बदमाश आनंदपाल के भाई विक्की से भी पुलिस जल्द पूछताछ कर सकती है। विक्की ने ही ठाकरिया को जेल मे मोबाइल सिम दी थी और उसके गुर्गो ने ही उनको हथियार सप्लाई करवाने का काम किया था।

स्थानीय लोग भी होंगे गिरफ्तार

पुलिस मामले में हथियार खरीदने के लिए पैसे देने, शूटरों को सुपारी देने और बाइक उपलब्ध करवाने के मामले में ठाकरिया के स्थानीय सहयोगियों को गिरफ्तार करेगी, जिसमें स्थानीय प्रोपर्टी व्यवसायी भी शामिल है। पुलिस के अनुसार पालिका उपाध्यक्ष की हत्या के लिए बुलाए भाड़े के शूटरों को दो लाख रुपए ठाकरिया के कहने पर प्रोपर्टी व्यवसायियों ने उपलब्ध कराए थे।