
थानाधिकारी ने वकील के खिलाफ दर्ज किया जानलेवा हमले का मामला, गुस्साए वकीलों ने उठाया यह कदम
अलवर. एनईबी थाना क्षेत्र स्थित शिवनगर कॉलोनी में तीन दिन पहले कुछ लोगों ने कोल्डड्रिंक की बोतल चोरी करते एक पकड़े गए बालक के मामले ने तूल पकड़ लिया । मामले में एनईबी थानाधिकारी ने तत्काल एक वकील व उनके दो भाइयों सहित पांच-सात अन्य लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। इधर मामले में बिना जांच मुकदमा दर्ज करने से गुस्साएं वकीलों ने शुक्रवार कोर्ट परिसर में प्रदर्शन करते हुए सांकेतिक कार्य बहिष्कार रखा । बाद में इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए वकीलों ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर थानाधिकारी पर कार्रवाई की मांग की।
मिली जानकारी के अनुसार एनईबी के शिवनगर कॉलोनी निवासी वकील जगदीश शर्मा के घर के समीप उनके भाई विष्णु शर्मा का कोल्डड्रिंक एजेन्सी का गोदाम है। पांच सितम्बर की शाम को गोदाम से दो बालक कोल्डड्रिंक चोरी कर रहे थे। वकील जगदीश शर्मा उनके भाई विष्णु शर्मा व हनुमान शर्मा सहित कॉलोनी के अन्य लोगों ने पकडऩे का प्रयास किया। इस दौरान एक बालक तो भाग गया लेकिन दूसरे 13 वर्षीय बालक को लोगों ने पकड़ लिया। इसके बाद लोग बालक को एनईबी थाने ले गए और पुलिस को सुपुर्द कर दिया।
थानाधिकारी प्रेमबहादुर सिंह ने बालक के पर्चा बयान के आधार पर वकील जगदीश शर्मा उनके भाई विष्णु शर्मा व हनुमान शर्मा सहित पांच-सात अन्य लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला व एससी/एसटी एक्ट में मामला दर्ज करते हुए बालक को सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया। इसके विरोध में शुक्रवार को अभिभाषक संघ आह्वान पर वकीलों कोर्ट परिसर में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे। वकीलों ने पुलिस अधीक्षक को चैम्बर से बाहर बुलाने की मांग रखी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह चैम्बर से बाहर आकर वकीलों से मिले और उनकी बात सुनी। पुलिस अधीक्षक ने वकीलों को लिखित में देने की बात कहते हुए मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मॉब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन है। पांच सितम्बर की शाम को भीड़ ने १३ वर्षीय बालक के साथ मारपीट की थी। जिसके कारण उसे सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- प्रेमबहादुर सिंह, थानाधिकारी, एनईबी।
बालक को गोदाम से कोल्डड्रिंक चोरी करते पकड़ा था। उसके साथ कोई मारपीट नहीं की गई। सीधे उसके पुलिस थाने ले गए। बालक घबराया हुआ था। थानाधिकारी ने प्रकरण में जल्दबाजी करते हुए बिना कोई मौका पड़ताल किए मामला दर्ज कर लिया, जो कि गलत है।
- जगदीश शर्मा, अधिवक्ता।
Published on:
08 Sept 2018 10:44 am
