
अलवर में बारिश के बाद गंदे नालों का पूरा पानी आ गया सडक़ पर, जिला कलक्टर की गाड़ी फंसने के बाद भी नहीं ली सुध
अलवर. लगता है सरकार व प्रशासन ने जनता को उसके हाल पर छोड दिया है। तभी तो थोड़ी सी बारिश के बाद शहर की सूरत बिगड़ जाती है। कार, बाइक व पैदल जाने वाले लोग मुश्किल से रास्ता पार कर पाते हैं। हद तो तब हो गई जब पिछली बारिश में खुद जिला कलक्टर की गाड़ी काली मोरी के निकट सडक़ पर लबालब पानी में उनकी गाड़ी फंस गई।
जाम लगने से काफी देर तक उनको रुकना पड़ा। उसके बाद सोमवार को सुबह शहर में केवल 5 मिमी बारिश हुई जिसमें वही पुराने हाल हो गए। काली मोरी पुलिया से रेलवे स्टेशन वाली रोड का हाल तो देखा नहीं जाए। सडक़ में एक-एक फीट गहरे न जाने कितने गड्ढ़े हैं। अब कुछ दिनों से सीसी रोड बनाने का काम चल रहा है। बारिश के बाद सीसी रोड का हिस्सा बचा। बाकी पूरी जगह पानी से भर गई।
राजर्षि कॉलेज से काली मोरी पुलिया के बीच सडक़ करीब दो साल से बदहाल है। पूरी सडक़ रोडिय़ों में बदल गई है। आए दिन वाहन धंस रहे हैं। सोमवार को भी एक वाहन यहां धंस गया। रोडिय़ों के ढेर पड़े हैं। इतना भी ठीक नहीं किया गया ताकि वाहन आसानी से निकल सके। जिम्मेदार विभागों के अधिकारियों को किसी का डर नहीं रहा। बस हर कोई बजट को ठिकाने लगाने मे मदद कर रहा है। तभी बारिश के बीच में सडक़ें बनाने का काम हो रहा है जबकि नियमानुसार बीटी रोड बारिश में नहीं बनाई जा सकती।
कॉलोनियों का हाल मत पूछो
कॉलोनियों का हाल तो पूछो मत। ऐसी बदहाली है कि जनप्रतिनिधि भी जनता के बीच में नहीं जा रहे हैं। उनको भी यह डर है कहीं जनता के लपेटे में नहीं आ जाएं। जनता अपना दर्द व गुस्सा अन्दर ही अन्दर झेल रही है। यह गुबार कभी फूटेगा तो हकीकत सामने आ जाएगी। कोई भी कॉलोनी ऐसी नहीं है जहां बारिश के बाद सडक़ों से आसानी से निकला जा सके। सब जगह कीचड़ ही कीचड़ है।
Published on:
28 Aug 2018 10:26 am
