5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अलवर स्टेशन पर उतरते ही इस तरह होता है पर्यटकों का स्वागत, ऐसा करोगे स्वागत तो कोई नहीं पधारेगा म्हारे देश

अलवर जंक्शन के बाहर पर्यटन स्वागत केन्द्र है, लेकिन पर्यटकों का स्वागत गंदगी, अतिक्रमण, धूल-मिट्टी से हो रहा है।
2 min read
Google source verification

अलवर

image

Hiren Joshi

Feb 08, 2019

Bad Condition Of Alwar Outside Railway Station

अलवर स्टेशन पर उतरते ही इस तरह होता है पर्यटकों का स्वागत, ऐसा करोगे स्वागत तो कोई नहीं पधारेगा म्हारे देश

रेलवे जंक्शन पर उतरते ही बाहर पर्यटन विभाग आपके स्वागत तैयार खड़ा है, लेकिन जब आप पर्यटन विभाग के स्वागत को देखोगे तो घृणा से आपका मन भर जाएगा। अलवर जंक्शन के सामने बने पर्यटन स्वागत केन्द्र की दीवार के सहारे ठेले-खोखे बदनुमा दाग की तरह लगे हैं, जो पर्यटकों की नजर में शहर की तस्वीर को घृणित कर रहे हैं।
पर्यटन स्वागत केन्द्र के सामने चाय की थड़ी और नाई की कुर्सी लगी हुई है, जिस पर दिनभर शराबी और नशेड़ी लोग बैठे रहते हैं। लोग वहीं बैठकर खुलेआम नशा करते रहते हैं या फिर लोग वहां बैठकर दिनभर ताश पीटते नजर आते है। रेलवे स्टेशन से जिला कलक्टर निवास की तरफ जाने वाले रास्ते पर पर्यटन स्वागत केन्द्र की दीवार के सहारे रोड पर अतिक्रमण कर करीब आधा दर्जन ठेले खड़े हुए हैं। यहां दिनभर भीड़भाड़ लगी रहती है और लोग बैठे रहते हैं। इससे राहगीरों को निकलने में परेशानी हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इन्हें हटाने के लिए सख्ती से कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

आखिर क्यों नहीं हटाए जा रहे खोखे

रेलवे स्टेशन के बाहर पर्यटन स्वागत केन्द्र के पास एक खोखा लगा हुआ है। नगर परिषद की टीम ने अतिक्रमण की कार्रवाई के दौरान इस खोखे को जब्त कर लिया था। इसके बाद यहां दूसरा खोखा लग गया। अब खोखा ठेलीनुमा है, जिससे कार्रवाई होने पर दुकानदार ले जाता है और फिर वापस वहीं लाकर खड़ा कर देता है। इसके अलावा यहां और भी कई खोखे जमे हुए हैं, जिन्हें हटाया नहीं जा रहा है।

सईयां भए कोतवाल तो डर काहे का...

इन चाय की थड़ी और खोखा संचालकों को पुलिस की पूरी शह है। पुलिसकर्मी यहां बैठकर मुफ्त की सेवा लेते हैं। जिसके कारण इन अवैध खोखा मालिकों को किसी का डर नहीं है। दिनभर इन खोखों के आसपास समाजकंटक लोग खड़े रहते हैं जो वहां से गुजरने वाली महिला व युवतियों से फब्तियां कसते रहते हैं।