
पूर्व विधायक बनवारी लाल सिंघल की फर्म की जमीन पर बैंक ने लिया कब्जा, जमीन गिरवी रखी थी और 40 करोड़ थे बकाया
अलवर. शहर की अम्बेडकर नगर आवासीय योजना में करीब 27 हजार वर्गमीटर जमीन गिरवी रखकर लिया गया ऋण नहीं चुकाने पर बैंक ने मंगलवार को प्रशासन की मौजूदगी में जमीन का कब्जा ले लिया। बैंक ने जमीन पर अपने कब्जे का नोटिस लगा दिया है।
अलवर यूआईटी से वोकेशनल एजूकेशन ट्रस्ट नई दिल्ली ने अम्बेडकर नगर आवासीय योजना में 2007 में 27 हजार वर्गमीटर जमीन खरीदी थी। शैक्षणिक उद्देश्य के लिए खरीदी जमीन का उपयोग नहीं किया गया। ट्रस्ट ने कोटक महेन्द्रा बैंक दिल्ली के पास इस जमीन को गिरवी रखकर करोड़ों रुपए का ऋण ले रखा है।
बैंक अधिकारियों ने बताया कि ट्रस्ट पर करीब 40 करोड़ रुपए से अधिक बकाया है। नहीं चुकाने पर बैंक ने जिला कलक्टर के जरिए जमीन का कब्जा ले लिया है। जिला कलक्टर ने सरफेस एक्ट के तहत बैंक के पक्ष में निर्णय किया है। मंगलवार को अलवर तहसीलदार पिंकी गुर्जर, एनईबी थाने से राजेन्द्र कुमार सहित बैंक के अधिकारी व अधिवक्ताओं की मौजूदगी में जमीन पर कब्जा ले लिया।
दिव्या इंफ्रोटेक ने खरीद रखा है तीसरा हिस्सा
अम्बेडकर नगर में जे 1ए भूखण्ड 27 हजार वर्गमीटर का है। इसमें से करीब 10 हजार 144 वर्गमीटर जमीन जुलाई 2016 को दिव्या इंफ्राटेक ने खरीद लिया। जबकि जमीन बैंक के पास गिरवी थी। इसके बावजूद जमीन का तीस फीसदी हिस्सा बेच दिया गया। जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद महालेखाकार ने ऑडिट में 1 करोड़ 4 लाख रुपए की स्टाम्प ड्यूटी की रिकवरी भी निकाल रखी है। दिव्या इंफ्राटेक फर्म में पूर्व विधायक बनवारी लाल सिंघल व उनके परिवार का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा है। अम्बेडकर नगर में जे 1ए भूखण्ड 27 हजार वर्गमीटर का है। इसमें से करीब 10 हजार 144 वर्गमीटर जमीन जुलाई 2016 को दिव्या इंफ्राटेक ने खरीद लिया। जबकि जमीन बैंक के पास गिरवी थी। इसके बावजूद जमीन का तीस फीसदी हिस्सा बेच दिया गया। जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद महालेखाकार ने ऑडिट में 1 करोड़ 4 लाख रुपए की स्टाम्प ड्यूटी की रिकवरी भी निकाल रखी है। दिव्या इंफ्राटेक फर्म में पूर्व विधायक बनवारी लाल सिंघल व उनके परिवार का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा है।
वोकेशनल ट्रस्ट के नाम वाली यह जमीन कोटक महेन्द्रा बैंक के पास गिरवी रखी है। ट्रस्ट पर करीब 40 करोड़ बकाया है। नोटिस देने के बावजूद बकाया नहीं चुकाया। अब जमीन का कब्जा लिया है।
विकास भारद्वाज, ऑथराइज ऑफिसर
न्यायालय जिला कलक्टर अलवर के आदेश से जमीन का कब्जा कोटक महेन्द्रा बैंक को संभलवाया है। इस दौरान मेरी मौजूदगी रही।
पिंकी गुर्जर, तहसीलदार अलवर।
मेरे साथ धोखाधड़ी हुई है, बैंक और सोसायटी ने मिलकर हमारे साथ धोखा किया है, हमारे पास जमीन के पूरे दास्तावेज हैं। इस मामले को लेकर कोर्ट में जाएंगे।
बनवारीलाल सिंघल, पूर्व विधायक, अलवर शहर
Updated on:
10 Apr 2019 09:02 am
Published on:
10 Apr 2019 08:59 am
