
अलवर में नोटा को मिले हजारों वोट, इतने मतदाताओं को नहीं पसंद आया कोई प्रत्याशी
जिले की 10 विधानसभा सीटों में मतदाताओं ने सबसे ज्यादा जागरुकता का परिचय बानसूर व तिजारा विधानसभा क्षेत्रों दिया। दोनों विधानसभा क्षेत्रों में एक भी वोट निरस्त नहीं हुआ। जबकि जिले की 9 विधानसभा सीटों में 2 हजार 482 वोट निरस्त हुए।
अलवर विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख 65 हजार 967 वोट वैद्य पाए गए, जबकि 334 वोट निरस्त हो गए। इसी तरह अलवर ग्रामीण विधानसभा सीट पर 1 लाख 73 हजार 270 वोट पड़े। इनमें 88 वोट निरस्त हुए। किशनगढ़बास में 1 लाख 78 हजार 510 वोट वैध मिले, वहीं 286 वोट निरस्त हुए। तिजारा में 1 लाख 82 हजार 672 वोट वैध मिले। यहां कोई मत निरस्त नहीं हुआ। राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ में कुल 1 लाख 69 हजार 426 वोट वैध मिले व 22 वोट निरस्त हुए। कठूमर में 1 लाख 44 हजार 551 वोट वैध मिले व 256 वोट निरस्त हुए। थानागाजी में 1 लाख 54 हजार 660 वोट वैध डले व 180 वोट निरस्त हुए।
जिले में 11325 लोगों ने चुना नोटा, बानसूर रहा आगे
. जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों में 11 हजार 325 मतदाताओं ने सभी प्रत्याशियों को नकारते हुए नोटा को चुना। नोटा को चुनने वालों में बानसूर विधानसभा क्षेत्र के मतदाता सबसे आगे रहे।
मतगणना के परिणाम में अलवर शहर में 1081 लोगों ने नोटा को वोट दिया। वहीं अलवर ग्रामीण में 1236, किशनगढ़बास में 980, तिजारा में 856, बहरोड में 1246, राजगढ़ लक्ष्मणगढ़ में 1222, कठूमर में 1071, थानागाजी में 1278, मुंडावर में 400 और बानसूर विधानसभा सीट पर 1956 लोगों ने नोटा को चुना।
नोटा यानि कोई भी प्रत्याशी पसंद नहीं
नोटा का मतलब होता है मतदाता को चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों में कोई भी पसंद नहीं। ऐसी स्थिति में मतदाता नोटा का उपयोग करता है।
ईवीएम में आई खराबी
अलवर. अलवर में विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान बानसूर क्षेत्र की इवीएम मशीन में अचानक से तकनीकी खामी आ गई । जिसके चलते काफी देर तक परिणाम बाधित रहा। मशीन की खराबी दूर करने के बाद ही परिणाम घोषित होने शुरु हुए।
Published on:
12 Dec 2018 10:44 am
