22 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Alwar: आ गई बड़ी खुशखबरी, अब हर 10 मिनट में मिलेगी ‘ई-बस’, सिर्फ इतने रुपए होगा किराया

Good News: अलवर शहर में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने 50 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने की योजना बनाई है। इन बसों का संचालन हर 10 मिनट में होगा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अलवर

•

image

Akshita Deora

•

image

सुशील कुमार

•

Updated: 30 Nov 2025, 9:18 AM IST

e-bus

प्रतीकात्मक तस्वीर: पत्रिका

50 E-Bus In Alwar City: प्रशासन ने अलवर शहर में 50 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना बनाई है। हर 10 मिनट में स्टॉपेज पर बस मिलेगी। किराया 10 से 20 रुपए के बीच रहेगा। हालांकि अब किराया फाइनल नहीं किया गया है। बस डिपो बनाने के लिए रूडसिको ने तैयारी शुरू कर दी है।

माना जा रहा है कि नए साल में फरवरी तक बसों का संचालन शुरू हो सकता है। शहर में अभी सार्वजनिक यातायात के साधन नहीं हैं। जनता रेलवे स्टेशन हो या फिर बस स्टैंड, ऑटो आदि से ही जाती है। इसके अलावा शहर के अन्य स्थानों पर जाने के लिए भी ऑटो ही सहारा हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अलवर का चयन प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत कर लिया है।

इसी योजना के तहत प्रशासन अब 50 बसें लाने जा रहा है। शहर की 48 वर्ग किमी की परिधि में ये बसें चलेंगी। जरूरत के हिसाब से यह आसपास के ब्लॉकों को भी जोड़ने का कार्य करेंगी। हालांकि यह तभी होगा, जब शहर में सवारियों की संख्या कम होगी।

ई-बसों का संचालन जल्द होने जा रहा है। पहले चरण में 50 बसें आ रही हैं। नगर निगम को संचालन का जिम्मा दिया गया है। यूआइटी ने बस डिपो बनाने के लिए जमीन आवंटित कर दी है। रूडसिको डिपो बनाने का कार्य करेगा। इससे जनता को काफी राहत मिलेगी।

  • सोहन सिंह नरूका, आयुक्त, नगर निगम

बस डिपो के लिए बहाला में जमीन आवंटित

बस डिपो बहाला में बनाया जाएगा, जिसके लिए यूआइटी ने करीब 13 हजार वर्गमीटर जमीन आवंटित की है। रूडसिको कंपनी को डिपो बनाने का कार्य दिया गया है। यह कार्य करीब दो से तीन माह में पूरा होगा। शहर के बस स्टॉपेज की संख्या करीब 30 है। इन्हें बढ़ाकर 50 तक किया जाएगा।

पुराने स्टॉपेज की मरम्मत यूआइटी करेगी। बसों के संचालन की जिम्मेदारी नगर निगम की होगी। बताते हैं कि इन बसों के जरिए बाजार भी कवर होगा, जिससे जाम से राहत मिल सकती है। क्योंकि लोग ऑटो, रिक्शा आदि की बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर सकेंगे। बसों के इलेक्ट्रिक होने से प्रदूषण भी नहीं होगा।