
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सुराज संकल्प यात्रा के दौरान अलवर की जनता से किए थे यह वादे, लेकिन नहीं हो पाए पूरे, आप भी जानिए
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा गुरुवार को अलवर जिले में प्रवेश कर रही है। अगस्त 2013 में भी भाजपा की ओर से सुराज संकल्प यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा के दौरान जिले में अनेक स्थानों पर सभा हुई। इनमें अलवर के दशहरा मैदान में आयोजित सभा में उनके समक्ष अलवर के एमआईए को विशेष पैकेज दिलाने, जिले में दो पुलिस अधीक्षक लगाने, शहर के पटरी पार क्षेत्र में सीनियर सैकण्डरी स्कूल खुलवाने, सामान्य चिकित्सालय में मल्टी स्पेशिलिटी उपचार, अलवर में जयसमंद व विजय सागर से पानी लाने की योजना बनाने, शहर की कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने, उद्योगों में स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने सहित अन्य मांग उठाई गई। वहीं खुद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी सामान्य व जनाना अस्पताल में लैब टेक्निशियन व चिकित्सकों की कमी, गंभीर रोगों के मरीजों को जयपुर रैफर करने, मुफ्त दवा योजना में अवधि पार तिथि की दवा वितरण के मुद्दे उठाए। उस दौरान अलवर में डेढ़ महीने पहले बनी सडक़ धंसने का भी जिक्र किया था।
अस्पताल, भ्रष्टाचार व पानी, बिजली के मुद्दे उठाए
भाजपा की तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष और वर्तमान मुख्यमंत्री ने संकल्प यात्रा के दौरान मुण्डावर में अस्पताल में चिकित्सकों की कमी, 100 बेड का अस्पताल, बिजली की कम आपूर्ति होने, किसानों की झूंठी वीसीआर भरने तथा बानसूर व थानागाजी में भ्रष्टाचार, महिला उत्पीडन, पानी, बिजली की मूलभूत सेवा नहीं मिलने, राशन का गेहंू नहीं दे पाने व युवाओं को रोजगार नहीं दिलाने के आरोप तत्कालीन सरकार पर लगाए थे। वहीं तिजारा में सडक़ में जगह-जगह गड्ढे, चिकित्सा सुविधाओं की हालत खराब होने व तिजारा और भिवाड़ी के लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पानी नहीं मिलने के मुद्दे उठाए थे।
ये वादे भी किए
संकल्प यात्रा के दौरान वसुंधरा राजे ने थानगाजी सभा में भाजपा की सरकार बनने पर ग्रामीणों को 24 घंटे बिजली देने एवं जयपुर -सरिस्का मार्ग बंद नहीं होने देने सहित अन्य वादे किए थे।
Published on:
20 Sept 2018 01:22 pm
