
केंद्रीय वन मंत्री एवं सांसद भूपेंद्र यादव
केंद्रीय वन मंत्री एवं सांसद भूपेंद्र यादव ने कहा कि 3 साल पहले कांग्रेस सरकार ने ही सरिस्का में माइनिंग का फैसला लिया था। बिना किसी मंजूरी के ही यह कार्य किया जा रहा था और अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कमेटी बाघों के संरक्षण के लिए काम कर रही है, तो वह जनता में भ्रम फैला रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने विश्व बाघ दिवस पर राजस्थान पत्रिका से बातचीत की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू।
उत्तर - पिछले 11 वर्षों में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में 12 नए टाइगर रिजर्व बढ़े हैं और इनकी कुल संख्या बढ़कर 58 हो गई है। औसतन हमारी सरकार ने प्रति वर्ष 1 टाइगर रिज़र्व घोषित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेतृत्व में हमने वैश्विक स्तर पर इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) गठबंधन की पहल की है, जो दुनियाभर में बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर, और प्यूमा के संरक्षण के साथ जैव विविधता में संतुलन एवं ग्रीन ग्रोथ पर काम करने वाली वैश्विक संस्था है। मोदी सरकार वन्यजीव संरक्षण के प्रति समर्पित है। किसी भी टाइगर रिजर्व का संरक्षण टाइगर संरक्षण के साथ-साथ पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण होता है।
इसमें टाइगर रिजर्व में आने वाले जल स्रोत, वन्यजीव, पेड़-पौधे, वनस्पति तो शामिल हैं, उसके साथ इको टूरिज्म, हेरिटेज, स्थानीय समुदायों का विकास और ग्रीन जॉब्स का विषय भी शामिल हैं। हम सरिस्का में बाघों का कुनबा बढ़ाने के लिए अनेक प्रयास कर रहे हैं। ग्रासलैंड विकास कार्य, वन्यजीव संतुलन पर बल देना, हैबिटेट सुदृढ़ीकरण व खरपतवार निवारण कार्य। बाघों की मॉनिटरिंग के लिए पेट्रोलिंग रास्तों के निर्माण और संधारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पांडुपोल, भर्तृहरि, भानगढ़ किला, बाला किला, कांकवाड़ी किला पर ध्यान दिया जा रहा है। सरिस्का में 23 किमी लम्बी एलिवेटेड रोड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस रोड के निर्माण के बाद बाघ और अन्य वन्यजीव सहज विचरण कर पाएंगे। पर्यटकों को अधिक जागरूक करने के लिए नए पर्यटक रूटों को टाइगर कंजर्वेशन प्लान में जुड़वाने की अभिशंसा की गई है। ग्राम विस्थापन के लिए राज्य सरकार ने नियमों में आवश्यक संशोधन किया है, जिससे ग्राम विस्थापन की गति को बढ़ाया जा सके। हम जल संचय सरंचनाओं के विकास और सुदृढ़ीकरण पर भी तेज़ी से काम कर रहे हैं, जिससे वन्यजीवों के लिए प्रयाप्त पानी की व्यवस्था हो सके और जल स्रोतों को जीवंत किया जा सके।
उत्तर - सीटीएच की प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशनुसार क्रियान्वित किया गया है। इसके अंतर्गत बनाई गई सेंट्रल एम्पावर्ड समिति में पर्यावरण, जंगल और वन्यजीव प्रबंधन के विशेषज्ञहैं। सरिस्का का नया सीटीएच बाघ प्रजनन, बाघ मूवमेंट, मानवीय दखल और भविष्य में बाघों के बढने की संभावना को देखते हुए बनाया गया है, जिससे बाघों को मानवीय दखल रहित अखंड क्षेत्र मिलेगा और बाघों की संख्या में और इजाफा होगा। सीटीएच के पुनर्सीमांकन का आधार वैज्ञानिक मूल्यांकन और बाघों के संरक्षण की आवश्यकताओं पर केंद्रित है, जो रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई है, उसमें सीटीएच क्षेत्रफल में वृद्धि हुई है। इस क्षेत्र में सुधारों से पूर्व सीटीएच का कुल क्षेत्रफल 881.11 वर्ग किलोमीटर था, लेकिन अब संशोधित क्षेत्रफल: 924.48 वर्ग किलोमीटर है। इस पुनर्सीमांकन प्रक्रिया के फलस्वरूप सीटीएच के कुल क्षेत्रफल में 43.37 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है, जो यह दर्शाता है कि यह प्रक्रिया संरक्षण को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
उत्तर - सीटीएच निर्धारण के बाद अभयारण्य की अधिसूचना जारी होगी। यह अधिसूचित होने के बाद ही ईएसजेड का निर्धारण हो पाएगा। ईएसजेड का निर्धारण भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर होगा।
उत्तर - सीटीएच के नए ड्राफ्ट का विरोध कांग्रेस के लोग कर रहे हैं। वह अपनी राजनीति के लिए लोगों में भ्रम फैला रहे हैं। कांग्रेस शासन में 13 जुलाई 2022 को जयपुर में एक बैठक हुई। उसमें यह फैसला लिया गया कि बिना एनबीडब्ल्यूएल की परमिशन के ही सरिस्का में माइनिंग की जा सकती है। उस समय सरकार कांग्रेस की थी। आज इनको सीटीएच की चिंता सता रही है, पर झूठ के पांव नहीं होते। जनता समझदार है। कांग्रेस के जो नेता विरोध कर रहे हैं, उसने कहिए अपने पुराने बयानों को सार्वजनिक करें। सबको पता चल जाएगा कि इनकी कथनी और करनी में कितना अंतर है। यह लोग झूठ बोल रहे हैं कि सीटीएच का एरिया कम किया जा रहा है, जबकि ऐसा नहीं है। शेष सभी विषयों के उत्तर उच्चतम न्यायालय के निर्णय पर निर्भर है।
उत्तर - ईवी बसों के लिए आरएसआरटीसी ने निविदा जारी की थी, परंतु किसी भी ऑपरेटर ने निविदा में भाग नहीं लिया। निविदा सफल नहीं हो पाई। निविदा सफल नहीं होने का मुख्यतः कारण ईवी बसों का केवल दो दिवस मंगलवार और शनिवार ही संचालन रहेगा, जिससे ऑपरेटर को लागत की भरपाई हो पाना कठिन है। अगर निविदा के प्रकरण में सफलता नहीं मिलती, तो राज्य सरकार भी ईवी खरीदने पर विचार कर सकती है। साथ ही सरिस्का से पांडुपोल, व टहला से पांडुपोल सड़क की स्थिति ठीक की जा रही है, जिससे ईवी वाहन को आवागमन में कोई परेशानी न हो।
उत्तर - सरिस्का बफर क्षेत्र में बने हुए होटल राजस्व और यूआईटी के क्षेत्र में हैं। जिला प्रशासन की सर्वे रिपोर्ट के बाद उन्हीं विभागों की ओर से अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। लेकिन मैं इस बात को फिर दोहराऊंगा कि किसी भी प्रकार का काम, जो अवैध हो और जो बाघों के संरक्षण के लिए हानिकारक हो, उसे होने नहीं दिया जाएगा। बाघ भारत की शान हैं। हम उनके संरक्षण के लिए संकल्पबद्ध हैं।
उत्तर - हम बाघ संग्रहालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बना रहे हैं। आईबीसीए इस विषय पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहा है। इसमें डिस्प्ले पैनल्स, वर्चुअल जंगल फ्लोर, टाइगर स्कल्पचर जैसी विशेषताएं होंगी। इस परियोजना की डीपीआर बन रही है। हम कटी घाटी में एक चिड़ियाघर भी बना रहे हैं। अलवर जल्द राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश में पर्यटन में उभरेगा।
Updated on:
29 Jul 2025 06:38 pm
Published on:
29 Jul 2025 06:02 pm
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