
सरकारी अस्पतालों में ठेके के सफाईकर्मी रहे हड़ताल पर, इस वजह से किया काम बंद
सामान्य अस्पताल में मंगलवार की सुबह ठेेके पर कार्यरतसफाई कर्मी बिना किसी सूचना के हड़ताल पर चले गए। सफाईकर्मी देर रात तक हड़ताल पर भी रहे। जिला कलक्टर के निर्देश पर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने भी बातचीत की लेकिन सफल नहीं हुई। सफाईकर्मियों के हडताल पर जाने के बाद अस्पताल की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई।
अस्पताल में सरकारी सेवा पर नियुक्त 12 कर्मचारियों के कंधों पर ही अस्पताल की सफाई का बोझ रहा। ऐसे में अस्पताल के वार्डो में सफाई नहीं हो पाई। तीनों अस्पतालों में अंदर और बाहर गंदगी फैली रही। इस दौरान जनाना अस्पताल के 45 और सामान्य अस्पताल के 55 सफाई कर्मी हड़ताल पर रहे।
जानकारी के अनुसार एक दिन पहले अस्पताल में सफाई के दौरान एक सफाईकर्मी की तबीयत बिगड़ गई। इसको लेकर ठेके पर कार्यरत सभी कर्मचारी प्रमुख चिकित्सा अधिकारी से मंाग करने लगे कि जब भी किसी सफाईकर्मी की तबीयत खराब होती है तो इसकी जिम्मेदारी आपको लेनी होगी। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने ऐसा करने से मना कर दिया। इसके चलते कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। सफाईकर्मियों ने सामान्य अस्पताल में एकत्रित होकर नारे लगाए ओर प्रदर्शन किया। इनकी यह भी मांग थी कि हमारे वेतन मेंं से पीएफ की कटौती की राशि भी वापस दिलवाई जाए। सफाईकर्मियों का कहना था कि उनके साथ स्टाफ भेदभाव करता है।
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी भगवान सहाय ने बताया कि आज सुबह से ही ठेके पर कार्यरत सभी सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे अस्पताल में सफाई नहीं हो पाई। यदि कल तक वापस नहीं आते हैं तो अस्पतालों में सफाई की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
कायाकल्प की टीम ने अस्पताल का किया दौरा
अलवर. सामान्य अस्पताल में बुधवार को मेडिकल विभाग की ओर से गठित कायाकल्प टीम ने दौरा किया।
दौसा से आई इस टीम में तीन सदस्य शामिल थे। इसमें दौसा के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी , मेडिकल विभाग के मैेनेजर व नॢसग अधीक्षक शामिल थे। टीम ने अस्पताल में साफ -सफाई, बायोवेस्ट का निस्तारण, नॢसंग स्टाफ का व्यवहार, मरीजों से बातचीत, अस्पताल की व्यवस्थाओं को जायजा लिया। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी भगवान सहाय ने बताया कि कायाकल्प टीम के आने से पूर्व अस्पताल का आंतरिक मूल्यांकन किया गया। इसमें जांच के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने की कोशिश की गई।
इसके बाद कायाकल्प टीम निरीक्षण के लिए आई। यदि अस्पताल को 70 प्रतिशत अंक मिलते हैं तो इसके बाद राज्य स्तरीय टीम आएगी। यदि 70 प्रतिशत से कम अंक आते हैं तो टीम नहीं आएगी।
Published on:
22 Aug 2018 08:44 am
