
अलवर की गोशालाओं में केवल गोतस्करी के पकड़े गोवंश, पुलिस ने भिजवाए हजारों गोवंश
अलवर. जिले के बड़ी समस्या बन चुकी गो तस्करी घटनाओं से पुलिस, प्रशासन व आमजन ही परेशान नहीं है, बल्कि गोपालन के लिए खोली गई गोशालाएं भी अब गो तस्करी के गोवंश से अटने लगे हैं। नतीजतन गो शालाओं में दुधारु गायों को रखने की जगह कम पडऩे लगी है।
जिले से हरियाणा की सीमा सटी होने के कारण गो तस्करी की घटनाओं पर रोक लगा पाना पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। पुलिस के लिए बड़ी समस्या गो तस्करी में पकड़े जाने वाले गोवंश को छोडऩा है। गो तस्करी में पकड़ा जाने वाला ज्यादातर गोवंश दुधारु नहीं होता। वहीं खेतों में जुताई या बेलगाड़ी के उपयोग का होता है। इस कारण ऐसे गोवंश को ज्यादातर लोग लेने को तैयार नहीं होते। वहीं पुलिस के पास गोवंश को रखने के लिए अलग से स्थान नहीं है। इस कारण गोवंश को गोशालाओं में पहुंचाना पुलिस की मजबूरी है। यही कारण है कि जिले की ज्यादातर बड़ी गोशालाओं में दुधारु गोवंश की कमी होने के साथ ही गो तस्करी के गोवंश की संख्या निरंतर बढ़ रही है।
बाबा शिवस्वरूप गोशाला में 70 गोवंश तस्करी का
नीमराणा क्षेत्र के नाघोड़ी सिलारपुर स्थित बाबा शिवस्वरूप गोशाला में फिलहाल 409 गोवंश हैं। जिनमें से 70 गायें नीमराणा, मांढण और शाहजहांपुर थाना पुलिस ने गोतस्करों के कब्जे से मुक्त कराकर यहां छोड़ी हैं। गोशाला संचालक लक्ष्मण प्रसाद ने बताया कि गोशाला करीब 20 बीघा जमीन में बनी है। भामाशाह व ग्रामीणों के सहयोग से गोशाला में गायों के लिए चारा-पानी की व्यवस्था की जाती है। कोई सरकारी अनुदान नहीं मिलता।
राठ गोशला में भी समस्या
बहरोड़ के दहमी हमजापुर स्थित राठ गोशाला के संचालक जगमाल सिंह यादव ने बताया कि गोशाला में कुल 731 गाय हैं। जिसमें से 30 गायें गोतस्करों से मुक्त कराकर पुलिस द्वारा गोशाला में भेजी गई हैं।
सुधासागर गोशाला : 350 गोतस्करी का गोवंश
रामगढ़ रोड पर बगड़ तिराहा के समीप स्थित श्री दिगम्बर जैन सुधासागर गोशाला में वर्तमान में 384 गोवंश हैं। जिनमें से करीब 350 गोवंश पुलिस द्वारा गोतस्करों से मुक्त कराकर यहां लाया गया है तथा कुछ गोवंश अलवर नगर परिषद की ओर से छोड़ा गया है। गोशाला के मैनेजर कपूरचंद जैन ने बताया कि गोशाला में पुलिस की ओर से गो तस्करी का गोवंश छोड़ा जाता है। गोशाला साढ़े चार बीघा जमीन पर बनी हुई है। यहां ज्यादातर गोवंश आसपास के रामगढ़, नौगांवा, गोविंदगढ़, बड़ौदामेव, एमआईए, मालाखेड़ा, सदर व एनईबी थाना पुलिस की ओर से छोड़ा गया है। आमजन के सहयोग से गोवंश के चारे की व्यवस्था की जाती है।
मनीराम गोशाला में 100 गोवंश पुलिस ने छोडा
मुण्डावर क्षेत्र के गांव चिरुणी स्थित बाबा मनीराम गोशाला वर्ष-2008 से संचालित है। यह भी क्षेत्र की बड़ी गोशाला है। यहां करीब 900 गोवंश है। जिनमें से मुण्डावर व हरसौरा थाना पुलिस द्वारा करीब 100 गोवंश छोड़ा गया है। गोशाला समिति के पूर्व कोषाध्यक्ष वीरेन्द्र सुमन ने बताया कि गोशाला करीब 14 बीघा गोचर भूमि में फैली हुई है। यहां पुलिस गोतस्करों से मुक्त कराई गायों को छोड़ती है।
गोतस्करों से मुक्त कराए गोवंश को पुलिस आमतौर पर गोशालाओं में छुड़वाती है। रही बात गोतस्करी पर रोकथाम की तो इसके लिए जिले के सभी पुलिस थानों को अलर्ट किया गया है।
राजेन्द्र सिंह, जिला पुलिस अधीक्षक अलवर।
Published on:
30 Jul 2018 04:26 pm
