
प्रतीकात्मक तस्वीर
अलवर/ पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क। राजस्थान के अलवर शहर में कैफे की आड़ में नशे के अड्डे और अवैध रूप से कई प्रकार की अनैतिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इनके बारे में पुलिस को भी पूरी जानकारी है। इसके बावजूद सेवा के चलते पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। दबाव आने पर पुलिस छुटपुट कार्रवाई कर चुप बैठ जाती है। पुलिस की इसी मिलीभगत के चलते कैफे में चल रही अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लग पा रही। अब शहर में हुक्का बार भी खुलने लगे हैं।
अवैध रूप से शराब तक परोसी जा रही है-
शहर में जगह-जगह तीन दर्जन से ज्यादा कैफे खुल गए हैं। कैफे में पर्दे या लकड़ी के केबिन बनाए हुए हैं। जिनमें बेड-कम-सोफा लगाए हुए हैं। यहां युवाओं को खुलेआम आते-जाते देखा जा सकता है। कई कैफे में तो पार्टियों के नाम पर अवैध रूप से शराब तक परोसी जा रही है। हुक्का बार और खुलने से युवाओं को नशे की लत लग रही है। यह कैफे कहीं बेसमेंट तो कहीं गलियों में चल रहे हैं।
दो सौ से ढाई सौ रुपए तक वसूल रहे शुल्क-
शहर में अवैध रूप से चल रहे कैफे में स्कूल-कॉलेज के युवाओं से 200 से 250 रुपए घंटे के हिसाब से केबिन में बैठने का शुल्क वसूला जा रहा है। कैफे के अंदर रोशनी कम रखे जाने से कौन अंदर आया और गया किसी को पता नहीं चलता। जब कभी पुलिस कार्रवाई करती है तो कैफे संचालकों को पहले ही जानकारी मिनले से कम ही लोग पकड़ में आते हैं। कई बार ऐसा हो चुका है। ऐसे में इनके असल मालिकों तक पुलिस नहीं पहुंच पा रही।
सख्त कार्रवाई करेंगे-
शहर में अवैध रूप से चल रहे कैफे पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए अलवर एसपी को निर्देशित किया जाएगा।
- सचिन मित्तल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, जयपुर।
Published on:
08 Apr 2023 06:30 pm
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