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डाक बंगले में पीने का पानी का टोटा, भैंस नहा रही खूब

रेलवे जंक्शन के सामने स्थित डाक बंगले में फैरोमैन का आवास, वहीं पर भैंस भी रख रहे, अधिकारियों तक दूध पहुंचने की शिकायत
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अलवर

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Hiren Joshi

Mar 07, 2019

Drinking water pot, buffalo bathing in the dak bungalow

डाक बंगले में पीने का पानी का टोटा, भैंस नहा रही खूब

अलवर.

रेलवे जंक्शन के सामने सार्वजनिक निर्माण विभाग के डाक बंगले में रुकने वालों को पानी का टोटा मिलता है लेकिन, यहां एक फैरोमैन कर्मचारी की भैंसों को नहलाने के लिए खूब पानी है। यही नहीं भैंस पार्क में घास चरती हैं। जबकि पार्क की देखरेख पर सरकार का हजारों रुपया खर्च होता है। ऐसा लगता है जैसे पूरा डाक बंगला किसी एक कर्मचारी के रहने के लिए दिया हुआ है।
वैसे तो डाक बंगल में पानी के लिए बोरिंग लगी है। फिर भी आए दिन पानी का संकट होता है। यहां रुकने वाले सरकारी अधिकारी, कर्मचारी सहित अन्य लोग आए दिन पानी की कमी होने की शिकायत करते रहे हैं। हालांकि अब अधिकारियों का कहना है कि पानी की समस्या नहीं है। अलग से बोरवेैल लगवा दिया है। जबकि इसी परिसर में रह रहा एक कर्मचारी यहां भैंस भी रखता है। उसकी भैंस आए दिन पार्क में घास चरती मिलती है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के सामने यह शिकायत पहले भी पहुंची है। इसके बावजूद कर्मचारी की भैंस काबिज हैं।

भैंस का दूध अधिकारियों तक पहुंच रहा
शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि भैंस का दूध अधिकारियों तक भी पहुंच रहा है। जिसके कारण वे कर्मचारी को डाक बंगले में भैंस रखने को रोक नहीं पा रहे हैं। जिसकी पहले भी शिकायत हो चुकी है। उसके बावजूद फैरोमैन अपनी सहूलियत में कोई कटौती नहीं करना चाह रहा है।

पहले बिजली का भी मुद्दा उठा
यहां रह रहे कर्मचारी पर पहले भी सरकारी बिजली को काम लेने के आरोप लग चुके हैं। उसके बाद अलग से मीटर लगाया गया है। पूर्व में सरकारी बिजली से ही भैस का बाट तैयार होता रहा है। अब पानी भी पूरा मिलने लगा है। जिसके कारण कर्मचारी को सब सहूलियत सरकारी संसाधनों से मिल रही है।

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पहले भी शिकायत मिली है। उसके बाद भैंस हटवा दी थी। अब वापस भैंस रखी जा रही हैं तो तुरंत हटवाया जाएगा। अधिकारियों तक दूध पहुंचने की शिकायत निराधार है।

जेके पाठक, एईएन, पीडब्यूडी अलवर