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चुनाव आयोग 4.41 लाख हमशक्ल में तलाश रहा असल मतदाता

अलवर. हमशक्ल के चलते लोगों को अचम्भित होते देखा है, लेकिन जब लाखों की संख्या में लोगों की सूरत मिलती, जुलती हो तो फिर असल व्यक्ति को पहचानना आसान नहीं होता। कुछ एेसी ही समस्या से इन दिनों निर्वाचन विभाग भी जूूझ रहा हैं। अलवर जिले 4.41 लाख मतदाता एेसे चिह्नित किए गए हैं, जिनकी शक्ल प्रदेश भर में अन्य लोगों से मिलती जुलती है, इनमें से असल वोटर की छंटनी करने में अब पसीने छूट रहे हैं।  
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अलवर

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Prem Pathak

Aug 29, 2018

Election Commission is looking for 4.41 lakhs orignal voters

चुनाव आयोग 4.41 लाख हमशक्ल में तलाश रहा असल मतदाता

विधानसभा चुनाव के चलते इन दिनों निर्वाचन विभाग की ओर से प्रदेश में डेमोग्राफिकल सिमिलर एंटी (डीसीई) सर्वे कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य मतदाता सूचियों में वोटरों के कई जगह दर्ज नामों की छंटनी कर मतदाता का नाम सही जगह अंकित करना है। जिले में चल रहे ऑनलाइन चैकिंग सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े उजागर हुए हैं। जांच के दौरान अकेले अलवर जिले में 4 लाख 41 हजार एेसे मतदाताओं के नाम चिह्नित किए गए हैं, जिनके फोटो से मिलते जुलते चेहरे एक नहीं कई जगह दिखाई पड़ रहे हैं। मिलते जुलते चेहरे वाले मतदाताओं की प्रदेश में संख्या 81 लाख दर्ज की गई है। इनमें से ज्यादातर मतदाता एेसे हैं, जिनके एक से ज्यादा स्थानों पर मतदाता सूचियों में नाम दर्ज हैं। सर्वे के बाद एेसे मतदाताओं के सही स्थान पर अंकित रख शेष स्थानों से उनके नाम हटाए जाएंगे।

एेसे हो रही ऑनलाइन जांच

ऑनलाइन डीसीई सर्वे में कम्प्यूटर एक व्यक्ति के 10 फोटो देता है। फिर इनमें से मतदाता की शक्ल मिलाकर जांच की जाती है। एक जैसे चेहरे मिलने वालों की सूची बीएलओ को सौंप मौके पर जांच कराई जाती है। बीएलआे के अलावा उपखंड अधिकारी, अतिरिक्त जिला कलक्टर स्तर के अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर रैण्डम जांच करते हैं। मिलते-जुलते चेहरे के बारे में जानकारी करने के बाद मतदाता के चाहने पर एक स्थान पर सूची में नाम दर्ज रखने का प्रावधान है, शेष स्थानों पर नाम हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

80 साल से ज्यादा उम्र के मतदाताओं की भी जांच

सर्वे के दौरान 80 साल से ज्यादा उम्र के मतदाताओं की भी मौके पर जाकर बीएलओ जांच करेंगे। इनमें जीवित व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में दर्ज रखे जाएंगे, वहीं मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जाएंगे। मतदाता सूची में अभी मृत व्यक्तियों के नाम भी दर्ज हैं।

जिले में 20-25 हजार मतदाताओं के कट सकते हैं नाम

डीसीई सर्वे के दौरान दोहरे नाम वाले मतदाताओं की संख्या 20 से 25 हजार तक पहुंचने की उम्मीद है। एेसे मतदाताओं के नाम सूची से काटे जाएंगे। यानि हर विधानसभा क्षेत्र में एक से दो हजार तक दोहरे नाम वाले मतदाता संभव है। वहीं एक वार्ड में एक से डेढ़ हजार तक एेसे मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल हो सकते हैं।

एक प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटेंगे

जिले में डीसीई सर्वे 31 अगस्त तक पूरा होगा। इसमें मतदाता सूची में दोहरे नाम वाले करीब एक प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटने की संभावना है। सर्वे ऑनलाइन किया जा रहा है। मिलती-जुलती शक्ल के लोगों की मौके पर जानकारी करने के बाद ही नाम हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

ओपी जैन

अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम अलवर