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कस्बेवासियों के लिए अतिक्रमण बना नासूर

ग्राम पंचायत, प्र्रशासनिक अधिकारी व पुलिस अधिकारी मौन बैठे
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कस्बेवासियों के लिए अतिक्रमण बना नासूर

अलवर. बानसूर कस्बे के कोटपूतली बस स्टैंड पर आडे तिरछे खड़े अवैध वाहन।

अलवर. बानसूर कस्बे में लगातार बढ रहें अस्थाई अतिक्रमण से लगने वाला जाम कस्बेवासियों के लिए नासूर बनता जा रहा है। स्थानीय ग्राम पंचायत, प्र्रशासनिक अधिकारी व पुलिस अधिकारी मौन बैठे हुए हंै। अतिक्रमण हटाने की बात आने पर स्थानीय अधिकारी एवं ग्राम पंचायत के सदस्य एक दूसरे पर पल्ला झाड़ लेते है और अतिक्रमण हटने से रह जाता है। जिसका खामियाजा कस्बेवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
कस्बे में लगातार बढ रहें अतिक्रमण से लोगों का पैदल निकलना भी दुभर हो रहा है। कस्बे के नारायणपुर एवं कोटपूतली रोड 80-80 फीट चौडी सडक़ बनी हुई। इतनी चौडी सडक़ होने के बाद भी दोनोंं मार्गो पर दिनभर जाम की स्थिती बनी रहती है। कस्बे के दुकानदारों, हाथ ठेली वालों सहित एवं अवैध रुप से चला रहे वाहन मुख्य सडक तक कब्जा किए हुए हैं। कस्बे के कोटपूतली रोड पाइप फैक्टी निर्माताओं ने अपने पाइपों को मुख्य सडक़ तक पटक रखा है। जिससे कस्बे के चारों मुख्य मार्गो पर दिनभर जाम लगा रहता है। कई बार तो सरकारी वाहन भी जाम में फंसे जाते है। कस्बे के मुख्य मार्गो पर घंटो तक लगने वाले जाम को हटाने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर कोई व्यवस्था नहीं है। जाम से निजात दिलाने के लिए ग्राम पंचायत की बैठकों, साधारण सभा की बैठक व सीएलजी की बैठकों में मांग की जाती रही है। लेकिन बैठक समाप्त होन ेके बाद सब जाम हटाने का मुद्दा गौण हो जाता है। कस्बे के लोगों ने पुलिस उपाधीक्षक सहित उपखंड अधिकारी से कस्बे में लगने वाले जाम से निजात दिलानें की मांग की है। वहीं सडक़ पर खडे हाथ ठेले वाले एवं निजी वाहनों को निश्चित स्थान पर खडा करने की मांग की है।
सरकारी कार्यालय भी अस्थाई अतिक्रमण की चपेट में
कस्बे के बिजली बोडऱ्, पंचायत समिति कार्यालय, सरकारी स्कूल,अस्पताल, ग्राम पंचायत भवन सहित कई निजी स्कूलों के बाहर सडक़ों पर हाथ ठेली व रेहडे वाले एवं अवैध वाहनों के मालिक को अपने वाहनों के लेकर दिनभर खड़े रहते है। जिससे इन सभी कार्यालयों के बाहर दिनभर जाम लगा रहता है। लेकिन स्थानीय अधिकारी मौन है। इन कार्यालयों में जाने वाले लोगों को कार्यालय में जाने के जाम खुलने का इंतजार करना पड़ता है।