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राजस्थान के पूर्व सैनिक सीमा पर जाने को तैयार, रिटायरमेंट के बाद भी वहीं जज्बा, देश की रक्षा करने की जता रहे इच्छा

राजस्थान के अलवर जिले के पूर्व सैनिक सीमा पर जाकर देश की रक्षा करने की इच्छा जता रहे हैं।
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अलवर

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Hiren Joshi

Mar 01, 2019

Ex Army Men Ready To Go On Border To Fight With Pakistan

राजस्थान के पूर्व सैनिक सीमा पर जाने को तैयार, रिटायरमेंट के बाद भी वहीं जज्बा, देश की रक्षा करने की जता रहे इच्छा

अलवर. पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से पाकिस्तान की जमीन पर आतंकी ठिकानों की कार्रवाई के बाद पूरा देश सेना के साथ खड़ा होता दिख रहा है। पूर्व सैनिक भी सीमा पर जाकर सेना का साथ देने को आगे आने लगे हैं। अलवर जिले में कई जगहों के पूर्व सैनिकों ने जिला सैनिक कल्याण अधिकारी व प्रशासन के अधिकारियों को लिखित में यह सूचना दे रहे हैं कि उनकी जरूरत पडऩे पर वे अपनी इच्छा से बिना किसी वेतन के सरहद पर जाने को तैयार हैं।

उपखण्ड अधिकारी से मिले पूर्व सैनिक

बानसूर तहसील पूर्व सैनिक लीग संघ के अध्यक्ष मेजर हजारी लाल यादव ने बताया कि पुलवामा में शहीद हुए हमारे सैनिकों को सच्ची श्रद्धांजलि देने को पूर्व सैनिक तैयार हैं। सरकार व सेना को जब भी आतंक के खात्मे के लिए पूर्व सनिकों की जरूरत महसूस हो तो वे बिना किसी वेतन के जाने को तैयार हैं। इसके लिए पूर्व सैनिक शांति मार्च भी निकालने लगे हैं। लीग के शेर सिंह यादव ने बताया कि पूर्व सैनिक हमेशा देश की सुरक्षा का हिस्सा हैं। देश सेवा को आज भी समर्पित हैं।

पूरे जिले में करीब 21 हजार पूर्व सैनिक

पूरे जिले में करीब 21 हजार पूर्व सैनिक हैं। इसके अलावा सेना में सेवारत सैनिकों की संख्या भी पूरे प्रदेश में सीकर के बाद अलवर में अधिक है। करगिल के बाद व उससे पहले अब तक अलवर जिले के 150 से अधिक जवान शहीद हो चुके हैं।

जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कार्यालय पहुंचे

दी अलवर डिस्ट्रिक्ट एक्स सर्विस लीग ने गुरुवार को जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के कार्यालय में पहुंचकर अपनी बात रखी है। लीग के अध्यक्ष गंगादत्त यादव ने बताया कि देश सुरक्षा में वे अपनी-अपनी यूनिट में जाकर रक्षा करने को तैयार हैं। पाकिस्तान के पल रहे आतंक पर कार्रवाई के बाद उसके रवैये को देखते हुए पूर्व सैनिकों ने अपनी मर्जी से यह निर्णय किया है। इस दौरान सुबेदार मांगेलाल, सुबेदार बलवीर सिंह, शीशराम, आरएस शर्मा सहित काफी संख्या में पूर्व सैनिक मौजूद थे। पूर्व सैनिकों ने कहा कि जिला सैनिक कल्याण अधिकारी नहीं मिलने पर उन्होंने कार्यालय के वरिष्ठ कर्मचारी को लिखित में अपनी बात रखी है।