
राजस्थान में सैकड़ों युवाओं ने फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर हासिल की सरकारी नौकरी, अब होगी यह कार्रवाई
अलवर. असल सफाई कर्मचारी होने के बावजूद उनके हाथ सरकारी नौकरी तक नहीं पहुंचे। बहुत से फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र वालों के कारण उनका नम्बर नहीं आ सका। आगे अनुभव प्रमाण पत्रों की गहनता से जांच की गई तो कई के हाथ से नौकरी जा सकती है। इस मामले में प्रशासन भी जिन्दा मक्खी निगल रहा है। कुछेक आवेदकों ने उनके सामने दूसरा कार्य किया। सफाई के काम से जुड़े ही नहीं। फिर भी उनका लॉटरी में नम्बर आ गया जिसकी नगर परिषद कार्यालय में चर्चा भी खूब है।
कई फर्मों ने झूठे दिए प्रमाण
यह सच है कि कई फर्मों ने अनुभव प्रमाण पत्र झूठे बनाकर दिए हैं जिनके नाम का रिकॉर्ड पीएफ व अन्य कटौती के रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा तो इसकी पोल आसानी से खुल सकती है। कुछ लोगों ने नगर परिषद को भर्ती से पहले भी फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जारी किए जाने की शिकायतें की है लेकिन भर्ती प्रक्रिया के दौरान अनुभव प्रमाण पत्रों की कोई जांच नहीं की जा सकी। आगे शिकायत मिलने पर व्यक्ति का रिकॉर्ड मिलान हो सकेगा। जिसमें गड़बड़ी मिली तो नौकरी हाथ चली जाएगी।
सरकारी कर्मचारियों के बेटे
फर्जी प्रमाण पत्रों की मुहर ये मामले भी लगा रहे हैं जिन सरकारी कर्मचारियों के बेटों के नाम लॉटरी में निकले हैं। जानकारों का कहना है कि इस समय भी ऐसा कोई सफाई कर्मचारी नहीं मिलेगा जिसके पिता अधिकारी या कर्मचारी हों और वे सफाई का कार्य कर रहे हों। फिर भर्ती में अनुभव प्रमाण पत्र कहां से आ गए। वाल्मीकि समाज के लोगों का कहना है कि जब सफाई का कार्य एक ही समाज कर रहा है और उस समाज के लोग आगे भी करने को तैयार हैं तो उन्हीें को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। ऐसा नहीं हुआ है।
Published on:
18 Jul 2018 04:11 pm
