
चिता पर हुई थी शव की पहचान, अब परिजनों ने उठाया यह बड़ा कदम, पुलिस पर भी उठ रहे सवाल
मालाखेड़ा के सालपुर निवासी रामकेश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले में परिजनों ने हत्या का प्रकरण दर्ज कराया है। वहीं, सदर थाना पुलिस ने मंगलवार का रामकेश के शव का मेडिकल बोर्ड से फिर पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया। उल्लेखनीय है कि पुलिस ने मृतक रामकेश की सुनील खत्री के रूप में शिनाख्त करते हुए सोमवार को राजगढ़ अस्पताल में पोस्टमार्टम करा शव उसके परिजनों को सौंप दिया, लेकिन चिता पर ग्रामीणों ने उसे पहचान लिया कि यह सुनील का शव नहीं है। इसके बाद पुलिस शव को वापस लाकर सामान्य अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया था।
सदर थानाधिकारी रामनिवास मीणा ने बताया कि मालाखेड़ा के सालपुर निवासी रामकेश पुत्र राजू योगी रविवार देर रात श्योनाथपुरा के समीप सडक़ पर गंभीर घायल अवस्था में मिला। पुलिस ने इसे दुर्घटना मानते हुए अलवर सामान्य अस्पताल में भर्ती करा दिया। हालत गंभीर होने पर उसे जयपुर रैफर कर दिया। जयपुर ले जाते समय रास्ते में रामकेश की मौत हो गई। रामकेश की जेब से पुलिस को अकबरपुर के अलापुर निवासी सुनील खत्री का पहचान पत्र मिला। जिसके आधार पर मान लिया गया कि मृतक सुनील खत्री है, जो पिछले करीब चार साल से घर से लापता है। पुलिस ने सोमवार को राजगढ़ अस्पताल में पोस्टमार्टम करा शव सुनील खत्री के परिजनों को सौंप दिया।
सुनील के परिजनों ने अंतिम संस्कार की तैयारी पूरी कर ली, लेकिन चिता पर ग्रामीणों ने पहचाना कि यह सुनील खत्री का शव नहीं किसी और व्यक्ति का है। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक की पहचान सालपुर निवासी रामकेश की रूप में की, जो कि अलवर में एक ढाबे पर काम करता था। पुलिस ने शव को लाकर अलवर सामान्य अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। प्रकरण में मंगलवार को संजय योगी ने उसके भतीजे रामकेश की अज्ञात लोगों द्वारा हत्या करने की शिकायत सदर थाना पुलिस को दी।
Published on:
03 Oct 2018 11:10 am
