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यहां राष्ट्रीय पशु बाघ की मांद में चल रही बंदूकें, वन्यजीवों पर मंडराया खतरा

सरिस्का के बफर जोन में खुलेआम फायरिंग हो रही है, इससे वन्यजीवों पर खतरा मंडरा रहा है।
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अलवर

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Prem Pathak

Jul 17, 2018

Firing range near sariska tiger buffer zone

यहां राष्ट्रीय पशु बाघ की मांद में चल रही बंदूकें, वन्यजीवों पर मंडराया खतरा

अलवर. बाघ की मांद में दनदनाती बंदूकों की गोलियों से वन्यजीवों पर खतरा मंडराने लगा है। सरिस्का बाघ परियोजना के अलवर बफर रेंज स्थित चांदमारी क्षेत्र में प्रशिक्षण के दौरान फायरिंग होने से वन्यजीवों की परेशानी बढ़ गइ्र है।
सरिस्का बाघ परियोजना के अलवर बफर रेंज में वर्तमान में एक दर्जन से अधिक पैंथर, सांभर, चीतल, नीलगाय, जंगली सूअर, सेई, मोर सहित बड़ी संख्या में वन्यजीव विचरण करते हैं। पूर्व में अलवर बफर रेंज में एक साल से अधिक समय तक बाघ भी रह चुका है। इसके बावजूद यहां स्थित फायरिंग रेंज में सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के सुरक्षाकर्मियों को फायरिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इको सेंसेटिव जोन है बफर क्षेत्र

अलवर बफर क्षेत्र सरिस्का के इको सेंसेटिव जोन में शामिल है। यानि यहां वन्यजीव गतिविधियों के अलावा अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियां प्रतिबंधित हैं। इको सेंसेटिव जोन में नियमानुसार फायरिंग रेंज भी संभव नहीं है। साथ ही वन क्षेत्र में मकान, व्यावसायिक भवनों के निर्माण के साथ ही सभी प्रकार की मानवीय गतिविधियों पर रोक का प्रावधान है। इसके बावजूद यहां फायरिंग का प्रशिक्षण आम
बात है।

सरिस्का प्रशासन जता चुका एतराज

सरिस्का प्रशासन पूर्व में अलवर बफर रेंज में स्थित फायरिंग को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के लिए पुलिस समेत अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र लिख चुका है। इसके बावजूद अलवर बफर रेंज स्थित फायरिंग रेंज में प्रशिक्षण जारी है। कई बार फायरिंग रेंज को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की चर्चा भी
हो चुकी है, लेकिन कार्रवाई
नहीं हुई।

अलवर बफर में आते हैं पर्यटक

सरिस्का पार्क एक जुलाई से तीन महीने के लिए बंद होने के बाद देशी-विदेशी पर्यटक घूमने के लिए अलवर बफर क्षेत्र में आते हैं। अलवर बफर क्षेत्र में जंगल सफारी को भी फायरिंग रेंज से खतरा रहता है। प्रशिक्षण के दौरान यदि निशाना लक्ष्य से चूक जाए तो वहां घूमने वाले पर्यटकों को नुकसान पहुंच सकता है।

बायो डायवर्सिटी पार्क में रहती है भीड़

अलवर बफर क्षेत्र स्थित प्रतापबंध के पास बायो डायवर्सिटी पार्क विकसित होने से यहां दिन भर पर्यटकों की भीड़ रहती है। खास बात यह कि बायो डायवर्सिटी पार्क के समीप ही फायरिंग रेंज है। प्रशिक्षण के दौरान लक्ष्य चूकने से कभी यहां बड़ा हादसा संभव है।