
अलवर में यहां सरकारी कार्य के लिए काटे जाएंगे 4 हजार पेड़, प्रदूषण में होगी बढ़ोतरी
अलवर. जीएसएस निर्माण के लिए खैरथल में जमीन और भी बहुत है, लेकिन यहां सघन वन में चार हजार से ज्यादा हरे पेड़ों को सजाए मौत देकर जीएसएस निर्माण की तैयारी है। इतना ही नहीं वन विभाग की ओर से हरे पेड़ों की कटाई व अन्य लागत की एवज में 11 लाख रुपए से ज्यादा की मांग भी नगर पालिका खैरथल ने पूरी कर दी है, अब इंतजार वन विभाग की एनओसी मिलने का है, इसके बाद हरे दरख्तों पर आरी चलना तय है।
खैरथल कस्बे में जीएसएस का निर्माण होना है, इसके लिए नगर पालिका ने जवाहर नवोदय विद्यालय के समीप 2.83 हैक्टेयर क्षेत्र में जीएसएस निर्माण के लिए जमीन चिह्नित की है। वर्तमान में यहां करीब 50 हैक्टेयर क्षेत्र में वन विभाग की ओर से सघन वन विकसित किया गया है। वन क्षेत्र में चार हजार से ज्यादा हरे पेड़ हैं।
पेड़ एक नहीं लगाया, हजारों हरे पेड़ काटने की तैयारी
प्रदूषण की मार झेल रहे खैरथल कस्बे में हरियाली बढ़ाने के सरकारी प्रयास गौण ही रहे हैं, बल्कि पांच साल में मुश्किल से विकसित सघन वन क्षेत्र को भी उजाडऩे की तैयारी है। एेसे में कस्बे में प्रदूषण की समस्या और गहराने की आशंका है।
कितना भी पैसा ले लो, पर जीएसएस यहीं बनेगा
खैरथल में सिवायचक एवं अन्य सरकारी भूमि की कमी नहीं है, लेकिन नगर पालिका जवाहर नवोदय विद्यालय के पास खुद की जमीन पर ही जीएसएस निर्माण को आमादा है। वन विभाग के ऐतराज के बावजूद पालिका प्रशासन जीएसएस निर्माण को अन्य जगह स्थानांतरित करने को तैयार नहीं। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि जीएसएस निर्माण के लिए हरे पेड़ काटने की एवज में उसने वन विभाग की मांग अनुसार राशि का भुगतान कर दिया है।
अवैध खनन रोकने को वन विभाग ने पेड़ लगाए
पूर्व में यहां बड़े पैमाने पर अवैध खनन होता रहा। वन विभाग ने अवैध खनन रोकने के लिए चारदीवारी कर गेट लगाया और इस जमीन पर पेड़ लगाकर सघन वन विकसित किया। वर्तमान में सघन में कई हजार हरे पेड़ खड़े हैं।
Published on:
19 Jul 2018 08:54 am
