
देशभर में मोबाइल चोरी करती है ये शातिर गैंग, कई राज्यों की पुलिस को इस तरह दे चुकी है चकमा, आप भी जानिए
राजस्थान के अलवर में 13 फरवरी को पुलिस कंट्रोल रूम के सामने हुई 100 मोबाइल की चोरी में बिहार की घोड़ासहन गैंग का हाथ निकला। यह गैंग देशभर में मोबाइल चोरी करने में विख्यात है। कई राज्यों की पुलिस को चकमा देकर ये गैंग चोरी किए गए मोबाइल को नेपाल में बेच देते। पुलिस से बचने के लिए पहले यह गैंग प्लानिंग करती, इसी प्लानिंग की वजह से ही अभी तक यह गैंग पकड़ी नहीं जा सकी थी।
200 किलोमीटर दूर सिम निकाल मोबाइल कर लेते बंद
आईजी सेंगाथिर ने बताया कि गैंग के लोग किसी भी राज्य में वारदात के लिए जिस शहर में जाते, उस शहर से करीब 200 किलोमीटर दूर मोबाइल सिम निकालकर बंद कर लेते हैं। इससे उनको पकड़ा नहीं जा सके। वारदात के बाद अलग-अलग निकलते और फिर करीब तीस चालीस किलोमीटर दूर किसी कस्बे में मिलते थे। एक बार में चार पांच वारदात को अंजाम देते हैं। मोबाइल शोरूमों को अधिक निशाना बनाते हैं और चोरी किए मोबाइल दिल्ली के कापासेहड़ा मुस्लिम क"ाी बस्ती क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर किराए के मकान में रखते। फिर मौका पाकर इन मोबाइल को बिहार के घोड़ासन भिजवा दिया करते हैं। घोड़ासन से नेपाल नजदीक होने पर बॉर्डर पार कर नेपाल में 2500 रुपए प्रति मोबाइल के हिसाब से बेच देते हैं। गिरोह के कुछ लोग चार पांच दिन पहले वारदात स्थल पर पहुंचकर रैकी करता है। इसके बाद अन्य साथियों को बुला लेता है। वारदात के बाद कॉलेज छात्र बनकर ऑटो से बस व रेलवे स्टेशन पहुंचते और वहां से निकल जाते।
Published on:
19 Feb 2019 10:49 am
