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हिम्मत सिंह का बचपन में कट गया था एक हाथ, 65 वर्ष की उम्र में भी लगा रहे हैं फर्राटा दौड़, अब 5 हजार मीटर दौड़ में जीता गोल्ड

हिम्मत सिंह की हिम्मत वाकई में लाजवाब है, हिम्मत सिंह का एक हाथ भी उनके हौसलों की उड़ान में रुकावट नहीं बन सका।
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अलवर

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Hiren Joshi

Feb 08, 2019

Himmat Singh Runner Of Gujarat Won Gold Medal In 5 Thousand Metre Race

हिम्मत सिंह का बचपन में कट गया था एक हाथ, 65 वर्ष की उम्र में भी लगा रहे हैं फर्राटा दौड़, अब 5 हजार मीटर दौड़ में जीता गोल्ड

अलवर. गुजरात के दिव्यांग हिम्मत सिंह का एक हाथ है लेकिन उनके जज्बे की कोई कमी नहीं हे। 65 साल के सिंह में आज भी जीत के लिए खेलने का जुनून है। हिम्मत सिंह ने अपने नाम के अर्थ का चरितार्थ कर दिया है। अलवर में युवरानी एथेलेटिक समिति की ओर से आर आर कॉलेज के मैदान पर राष्ट्रीय स्तर की ओपन एथलेटिक्स प्रतियोगिता में गुजरात के लाहौद जिले से आए दिव्यांग खिलाड़ी हिम्मत सिंह ने 4 गोल्ड मैडल जीतकर यह साबित कर दिया कि दौडऩे के लिए हौसलों की उड़ान जरुरी है। सिंह जब चार साल के थे तब उनके हाथ पर पेड़ का तना गिर गया था और उनका हाथ टूट गया। तब से वो एक हाथ के सहारे ही जिंदगी की जंग लड़़ रहे हैं। उनका कहना है कि दौड़ के लिए उनके पास कोई मैदान नहीं था, लेकिन खिलाड़ी बनने का जुनून था इसलिए सुबह सडक़ों पर दौड़ लगाते थे। नियमित इसी अभ्यास की वजह से आज वो नेशनल खिलाड़ी के रूप में पहचान बनाई है। प्रतियोगिता के दौरान 5000 मीटर, 1500 मीटर व 800 मीटर में गोल्ड मैडल जीता है। इससे पूर्व बैंगलूरु हुई एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 2 गोल्ड मैडल जीत चुके हैं। खानपान में मक्का की रोटी व दाल भात को पसंद करते हैं। यह नंगे पैर ही दौड़ लगाते हैं।