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माफिया illigal mining in alwar ही नहीं लीजधारक भी बढ़ा रहे अवैध खनन का मर्ज

जिले में illigal mining in alwar अवैध खनन के लिए खनन माफिया ही नहीं, वे लीजधारक भी जिम्मेदार हैं, जो कि स्वीकृत लीज के अलावा खुलेआम पत्थर निकालकर पहाड़ों को खोखला कर रहे हैं।
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अलवर

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Prem Pathak

Jul 28, 2019

illigal mining in alwar

UP government to stop illegal mining in Uttar Pradesh by this way

अलवर. जिले में illigal mining in alwar अवैध खनन के लिए खनन माफिया ही नहीं, वे लीजधारक भी जिम्मेदार हैं, जो कि स्वीकृत लीज के अलावा खुलेआम पत्थर निकालकर पहाड़ों को खोखला कर रहे हैं। खुद खनन विभाग जिले में अब तक 83 ऐसे लीजधारकों को चिह्नित कर चुका है, जो कि स्वीकृत लीज से ज्यादा क्षेत्र में पत्थर खुदाई कर अवैध खनन को बढ़ावा देने में जुटा है। अब विभाग ऐसे लीजधारकों से अवैध खनन की पेनल्टी वसूलने में जुटा है।

प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदार विभाग भले ही जिले में अवैध खनन मानने को तैयार नहीं हो, लेकिन हकीकत यह है कि माफिया ही नहीं खुद सरकार का खनन पट्टा लिए लीजधारक भी अपने स्वीकृत क्षेत्र से बाहर जाकर अवैध तरीके से खनन करने में पीछे नही है।

एसएफआई सर्वे में 225 जगह मिला अवैध खनन

illigal mining in alwar फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने पिछले महीनों अरावली क्षेत्र का सर्वे कर अलवर जिले में 225 जगहों पर अवैध खनन चिह्नित किया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने अलवर में 31 अरावली के पहाड़ों के गायब होने की बात कही थी। बाद में सरकारी विभाग हरकत में आए और जिला कलक्टर के आदेश पर अलवर में एक संयुक्त समिति बना सर्वे में चिह्नित जगहों का मौका रिपोर्ट तैयार कराई गई। जिसमें कई जगहों पर अवैध खनन मिला।

illigal mining in alwar खुलेआम पत्थर व रोडी आ- जा रहे

जिले में खुलेआम अवैध खनन का नतीजा है कि अलवर से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक पत्थर, रोड़ी व अन्य निर्माण सामग्री दिल्ली, गुडग़ांव, फरीदाबाद व एनसीआर के शहरों में जा रहे हैं। अवैध खनन का यह खेल भी रातों-रात चलता है, फिर भी जिम्मेदार विभाग के हाथ इन तक नहीं पहुंच पाते।

यह है जिले में अवैध खनन का गणित

एफएसआई सर्वे में जिले में 224 अवैध खनन स्थल चिह्नित किए गए। इनमें 142 स्थानों पर अवैध खनन के अवशेष मिले हैं। इसके अलावा 83 ऐसे स्थान भी मिले हैं, जिनके पास खनन विभाग ने खनन पट्टे जारी किए हुए हैं। यानि स्वीकृत लीज पट्टों के पास अवैध खनन मिला है। अब खनन विभाग खुद को बचाने के लिए ऐसे स्थलों के पास स्थित लीजधारकों से जुर्माना वसूलने में जुटा है।

विभाग का दावा

खनन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्वीकृत लीज के आसपास अवैध खनन मिलने पर जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की है। अब तक विभाग ऐसे लोगों से 5 से 6 करोड़ रुपए वसूल चुका है। इसके अलावा खनन का अनुमान लगाते हुए संबंधित लोगों पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग को अवैध खनन स्थलों की जानकारी दी जा चुकी है।