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illigal mining in alwar घट रहा अरावली का कद, खनन माफिया बेकाबू

illigal mining in alwar खनन माफिया बेकाबू होने से अलवर जिले में अरावली की पहाडिय़ां गुम होने के साथ ही उनका कद भी घटने लगा है। यही कारण है कि सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) ने भी माना कि अवैध खनन के चलते प्रदेश में अरावली रेंज का 25 फीसदी हिस्सा गुम हो गया।
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अलवर

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Prem Pathak

Sep 19, 2019

illigal mining in alwar घट रहा अरावली का कद, खनन माफिया बेकाबू

illigal mining in alwar घट रहा अरावली का कद, खनन माफिया बेकाबू


अलवर. illigal mining in alwar खनन माफिया बेकाबू होने से अलवर जिले में अरावली की पहाडिय़ां गुम होने के साथ ही उनका कद भी घटने लगा है। यही कारण है कि सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) ने भी माना कि अवैध खनन के चलते प्रदेश में अरावली रेंज का 25 फीसदी हिस्सा गुम हो गया। प्रदेश के 15 जिलों में अरावली पर्वतमाला का 80 प्रतिशत हिस्सा मौजूद है। इनमें अलवर जिला भी शामिल है।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से वर्ष 2002 में अरावली पर्वतमाला में खनन पर प्रतिबंध लगाने और केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) की मंजूरी के बिना खनन कार्य रोक के बावजूद जिले में अवैध खनन बेकाबू है। खुद सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) की 2018 की रिपोर्ट में राजस्थान में 1967-68 से अवैध खनन के कारण अरावली रेंज का 25 प्रतिशत हिस्सा गुम होना बताया गया है।

illigal mining in alwar सेटेलाइट सर्वे में 274 स्थानों पर मिला अवैध खनन

फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के सेटेलाइट सर्वे में 274 स्थानों पर अवैध खनन पाया गया, इनमें 225 इलाके अलवर और 49 कोटपूतली खनि अभियंता कार्यालय क्षेत्र में हैं। जिनमें पहाड़ और 142 वन क्षेत्र भी शामिल हैं। अरावली में अवैध खनन का पता लगाने के लिए राज्य के 17 जिलों में सेटेलाइट सर्वे कराया जा चुका है।

illigal mining in alwar छलनी कर दी अरावली पर्वतमाला

अलवर जिले में लंबे समय से खनन माफिया सक्रिय रहा है, इस कारण तिजारा, भिवाड़ी क्षेत्र में अवैध खनन कर 5 करोड़ 22 लाख 83 हजार 390 मीट्रिक टन खनिज पदार्थ निकाल चुका है। इससे जिले को करीब 430.80 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान भी हुआ है। ये तथ्य स्वयं राज्य प्रशासन ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश एक रिपोर्ट में स्वीकार किए हैं।

illigal mining in alwar सीइसी को मिली नीमली में एक खान

सीइसी की ओर से पिछले महीनों अलवर जिले में अवैध खनन की जांच कर रिपोर्ट तैयार की गई। इसमें अलवर जिले में सीइसी को नीमली में एक खान मिली। हालांकि सीईसी की ओर से सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई रिपोर्ट में नीमली की खान को बंद बताया गया है। अवैध खनन के चलते तिजारा क्षेत्र के नीमली गांव में सघन जंगल खत्म हो गया। वहीं बनबन गांव से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित अरावली की पहाडिय़ां अवैध खनन से गायब हो गई।

अलवर की पहाडिय़ां हो गई गुम

गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली तक फैली अरावली पर्वत श्रृंखला कभी भी निरंतर नहीं रही, लेकिन खनन और निर्माण गतिविधियों ने इसे और भी नष्ट किया। सीईसी की रिपोर्ट कहती है कि राजस्थान के अलवर जिले की 128 पहाडिय़ों के सर्वेक्षण के दौरान 1967-68 से 31 पहाडिय़ां गुम मिली।