
अलवर में आया बेहद तेज भूकम्प, ढह गई इमारतें, सेना ने किया बचाव कार्य
अलवर तेज भूकंप से दहल गया। भूकंप इतना तेज था कि इमारत तक धराशाई हो गई। इसके बाद सेना के राहत कार्य शुरु किया। आपदा प्रबंधन विभाग एवं सेना की ओर से मंगलवार को इटराणा सैन्य छावनी में एक्सरसाइज राहत के तहत भूकम्प के दौरान बचाव, राहत एवं पुनर्वास के प्रयास का प्रदर्शन किया गया।
ईटाराणा मिल्ट्री स्टेशन में एक्सरसाइज राहत के तहत 6.8 रिएक्टर तीव्रतर के भूकम्प के परिदृश्य की कल्पना कर आपदा राहत का वास्तविक अभ्यास किया गया। इसमें छावनी में भूकम्प के दौरान मकान को क्षति की प्रतिकृति तैयार की गई। जिसमें सेना एवं जिला प्रशासन के विभिन्न विभाग एनडीआरएफ, एचडीआरएफ, सिविल डिफेंस ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव के कार्यों का प्रदर्शन किया गया। उन्होंने आपदा के समय सार्वजनिक निर्माण विभाग, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, जलदाय, विद्युत, नगरीय विकास, चिकित्सा, पुलिस विभाग एवं बीएसएनएल ने तत्परता से राहत एवं बचाव के कार्यों को अंजाम दिया।
आपदा राहत कार्यों में सेना के हेलिकॉप्टर, अग्निशमन वाहन, हाइडरॉलिक लिफ्ट, कृत्रिम पुल, फ ोग ऑफ फ ायर की सहायता से राहत बचाव कार्य किए गए। इस दौरान आधुनिक उपकरणों की ओर से घायलों की सर्च, उनकी चिकित्सा, संचार सेवाओं की बहाली के कार्यों का प्रदर्शन किया गया।
अलवर इटाराणा मिल्ट्री स्टेशन में 18 तोपखाना ब्रिगेड के कमान्डर ब्रिगेडियर वीरल बक्शी, कर्नल सेवाराम शर्मा, कोलम कमान्डर कैप्टन अविनाश, एसडीआरएफ के पुलिस उप महानिरीक्षक ओमप्रकाश दायमा, एसडीआरएफ के सहायक कमान्डेंट राजेन्द्र सिंह के साथ सेना की अलवर स्थित अनेक ब्रांचों के सेना अधिकारी तथा जिला प्रशासन से अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम ओपी जैन, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.छबिल कुमार, प्रवर्तन अधिकारी हरिप्रसाद, सार्वजनिक निर्माण विभाग, नगर विकास न्यास, बीएसएनएल, अग्निशमन एवं सिविल डिफेंस के अधिकारी उपस्थित थे।
Updated on:
13 Feb 2019 10:20 am
Published on:
13 Feb 2019 10:13 am
