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इंदिरा गांधी स्टेडियम में भारतीय सेना ने सैन्य प्रदर्शनी में दिखाए अपने हथियार , आप भी जानिए इन हथियारों की ताकत

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अलवर

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Prem Pathak

Aug 16, 2018

Indian Army Weapon Exhibition In Alwar

इंदिरा गांधी स्टेडियम में भारतीय सेना ने सैन्य प्रदर्शनी में दिखाए अपने हथियार , आप भी जानिए इन हथियारों की ताकत

अलवर. देश की सीमाओं पर दुश्मनों का खात्मा करने वाले हमारे जाबांजों में करोड़ों भारतीयों की हिम्मत है। उनकी रगों में देश प्रेम का खून और हाथों में आधुनिक हथियार होते हैं। सेना की ओर से इंदिरा गांधी स्टेडियम में लगाई गई प्रदर्शनी में जवान उन हथियारों की जानकारी दे रहे हैं। जिनको वे जरूरत के अनुसार लड़ाई में काम लेते हैं। आइए जवानों के जरिए मिली जानकारी से आपकों भी रूबरू कराते हैं। जिनकी वजह से हमारे वतन की हिम्मत है।

40 एमएम एमजीएल

यह एक मल्टीपरपज ग्रेनेड लांचर है जिसकी अधिकतम फायरिंग रेंज 370 मीटर है। इसका भार 5 किलो 300 ग्राम है। यह गे्रनेड लांचर रूस में निर्मित है। इसकी खासियत यह है कि इससे निकला ग्रेनेड लक्ष्य साधने के बाद जहां यह गिरेगा, यह उस स्थान को ही नष्ट कर देता है।

5.56 एमएम इंसास राइफल

यह हथियार एक राइफल व एक मशीन गन से मिलकर बना एक हथियार है। यह हथियार भारत में ही निर्मित है। इस हथियार की अधिकतम फायरिंग रेंज 700 मीटर है। इस हथियार का भार 4.15 किलोग्राम है। 1998 में बने इस हथियार का कारगिल युद्ध में मुख्य रूप से इस्तेमाल किया गया था।

एमपी 9 गन

यह एक प्रकार की राइफल है जिसकी अधिकतम फायरिंग (मारक) रेंज 30 मीटर है। यह राइफल एक बार में 30 राउंड फायर कर सकती है। इसे स्वीजरलेंड से खरीदा गया है। भारतीय सेना में इस हथियार का 2 सालों से प्रयोग किया जा रहा है।

7.62 एमएम एमएमजी

इस हथियार का पूरा नाम मैग मशीन गन है। इसकी अधिकतम फायरिंग रेंज 1800 मीटर है। भारत में निर्मित इस हथियार का भार 10 किलोग्राम व अतिरिक्त भार 5 किलोग्राम है। इसे सैनिक सीमा पर गश्त क दौरान भी साथ रखता है।

5.56 इंसास एलएमजी

भारत में निर्मित इस हथियार को 1998 में सेना में इस्तेमाल किया गया। इस हथियार का वजह 6 किलोग्राम है। इसकी अधिकतम फायरिंग रेंज 900 मीटर है।

84 एमएम रॉकेट लांचर

यह रॉकेट लांचर भारतीय सेना का अहम हथियार है। इसकी अधिकतम फायरिंग रेंज अलग-अलग हैं। इस हथियार को स्वीडन से खरीदा गया है। इसके टेलिस्कोपिक साईट का वजन 1 किलोग्राम है। यह एक मिनट मे 6 राउंड फायर कर सकता है।

105/37 एमएम

105/37 एमएम भारत में निर्मित एक आर्टिलरी गन है। इसकी न्यूनतम फायरिंग रेंज 800 मीटर व अधिकतम फायरिंग रेंज 17 हजार 200 मीटर है। इस तोप का वजन 3 हजार 400 किलोग्राम है। इस हथियार का कारगिल युद्ध में उपयोग किया गया था। इसे 7 जवान मिलकर संचालित करते हैं। इससे पांच प्रकार के गोले दागे जा सकते हैं।

130/37 एमएम:

यह आर्टिलरी गन रूस से खरीदी गई है। इसकी न्यूनतम फायरिंग रेंज 800 मीटर व अधिकतम फायरिंग रेंज 32 हजार 300 मीटर है। 9 हजार 300 किलोग्राम वजनी इस तोप का संचालन 11 जवान करते हैं। इस हथियार से 1.5 सैकेंड में एक गोला दागा जा सकता है।