
पार्र्किंग शुल्क पर स्याही लगा दोगुने दाम वसूल रहे
अलवर.
शहर में वाहन पार्र्किंग के ठेकों पर जमकर आमजन से लूट हो रही है। पार्र्किंग शुल्क रसीद पर स्याही लगा दोगुने दाम वसूले जा रहे हैं। खासकर रेलवे जंक्शन के सामने वाले पार्र्किंगों पर। यहां एक तरह से आमजन की जमकर जेब काटी जा रही है। शुल्क से अधिक रुपए लेने पर कोई आपत्ति करता है तो उसे साफ कहा जाता है कि अब शुल्क बढ़ गया है। ये पुरानी पर्ची हैं। जबकि पर्ची पर शुल्क राशि लिखी है। कार पार्र्किंग शुल्क पर स्याही लगा रखी है। 12 की बजाय 40 रुपए शुल्क
जंक्शन के ठीक सामने कार पार्र्किंग है। यहां ठेकेदार की ओर से ग्राहक को दी जाने वाली रसीद पर स्याही लगा रखी है और खुद के रिकॉर्ड में रखने के लिए रसीद का आधा हिस्सा साफ है। जिस पर शुल्क स्पष्ट है। यहां 4 घण्टे तक कार पार्र्किंग के 12 रुपए तय हैं। इसके अलावा 12 घण्टे तक 18 रुपए, 24 घण्टे तक 36 रुपए शुल्क तय है। जबकि यहां चार घण्टे भी कोई पार्र्किंग में कार खड़ी करने आता है तो उससे 12 रुपए की बजाय 20 से 30 रुपए लिए जाते हैं। 12 घण्टे तक कार पार्र्किंग करने पर 40 रुपए लिए जाते हैं। इससे अधिक समय वाहन खड़ा करने पर 59 रुपए तक लिए जाते हैं।
ग्राहक की रसीद पर शुल्क पर स्याही
शुल्क पर्ची काटकर आधी वाहन मालिक को दी जाती है। शुल्क की जगह स्याही लगाने के पीछे यह उद्देश्य है कि कोई बहस नहीं करें। रिकॉर्ड में रखने के लिए पर्ची के आधे हिस्से पर पार्र्किंग शुल्क साफ लिखी है।दुपहिया वाहन का 10 की बजाय 12 रुपए जंक्शन के बगल में ओवरब्रिज के पास वाली पार्र्किंग में बाइक के दस रुपए शुल्क की जगह 12 रुपए वसूले जा रहे हैं। जबकि पर्ची पर 10 रुपए शुल्क 12 घण्टे का है। कई बार तो शाम को वाहन खड़ा करने पर अगले दिन सुबह ही दोगुना शुल्क वसूल लेते हैं। यहां भी वहीं कारण बताया कि ये पुरानी पर्ची हैं। जिसके कारण इन पर शुल्क दर कम है।
ऐसा नहीं होने देंगे
पार्र्किंग का जो शुल्क है उससे अधिक पैसा नहीं लिया जा सकता। यदि ऐसा हो रहा है तो तुरंत दिखवाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। आरएल मीना, स्टेशन अधीक्षक, अलवर
Published on:
06 Mar 2019 07:49 pm
