
अलवर। खैरथल व किशनगढ़बास को सैटेलाइट टाउन बनाने की तैयारी है। यह शहर आत्मनिर्भर होंगे। इनके पास अपने संसाधन होंगे। रेलवे स्टेशन से लेकर बस अड्डा, उद्योग, अच्छे स्कूल आदि होंगे। लोगों को यह शहर रोजगार देने का कार्य करेंगे ताकि मुख्य शहर की ओर यहां के लोग पलायन नहीं करें। मास्टर प्लान में यह व्यवस्था की गई है।
अलवर की आबादी 4.62 लाख है। यह धीरे-धीरे बढ़ रही है। संभावना है कि वर्ष 2051 के आसपास आबादी यहां की 10 लाख पार होगी। आबादी का भार बढ़ने से संसाधन कम पड़ते हैं। आवासों से लेकर अन्य सुविधाएं मुहैया करानी पड़ती हैं। इसी को देखते हुए खैरथल व किशनगढ़बास को सैटेलाइट टाउन बनाने की योजना है। इन शहरों की आबादी अभी एक लाख से कम है। तीन दशक में इनकी आबादी 3 लाख तक पहुंचने के आसार हैं। ऐसे में इन शहरों को भी उसी रूप में विकसित किया जाएगा।
सैटेलाइट टाउन एक बड़े शहर के आसपास बसा एक छोटा शहर होता है। इसे सैटेलाइट सिटी भी कहते हैं। यह एक आत्मनिर्भर शहर होता है, जो मुय शहर से जुड़ा होता है। सैटेलाइट टाउन में अपने स्कूल, अस्पताल, और उद्योग होते हैं। काफी अच्छा विकास व संसाधन यहां विकसित किए जाते हैं।
मुख्य शहर पर आबादी का भार होता है, तब आसपास के दूसरे शहर को सैटेलाइट टाउन बनाया जाता है। खैरथल की संभावनाएं ज्यादा हैं। वर्ष 2051 तक यहां और सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। यहां सुनियोजित विकास की ओर कदम बढ़ाने होंगे।
-धर्मेंद्र शर्मा, रिटायर्ड एसई, यूआईटी।
Updated on:
26 Mar 2025 12:22 pm
Published on:
26 Mar 2025 12:22 pm
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