
नीमराणा में पत्थरबाजी का पड़ रहा है बुरा असर, दहशत के मारे बेहद कम श्रमिक आ रहे काम पर, इतने लोगों को किया गिरफ्तार
अलवर जिले के नीमराणा में मंगलवार को हुए पथराव व लाठीचार्ज के बाद कई श्रमिक दहशत में हैं। कंपनी के डायरेक्टर पंकज दीवान ने बताया कि कंपनी में सुबह की शिफ्ट में तो कम और दूसरी शिफ्ट में करीब 50 मजदूर काम पर आए, लेकिन श्रमिकों की कमी के पीछे उन्होंने कल की घटना से दहशत का माहौल बताया। जबकि उन्होंने ये भी कहा कि कार्मिकों में किसी तरह का भय और अफवाहों का असर न हो इसके लिए कार्मिकों से फोन पर संपर्क कर भयमुक्त होकर ड्यूटी करने की अपील की जा रही है। उधर पत्थरबाजी व तोड़-फोड़ के आरोपित श्रमिक यूनियन नेता बुधवार को भी सामने नहीं आए। यूनियन नेताओं से फोन पर पक्ष जानने के प्रयास किए, किन्तु उनके फोन स्विच ऑफ बोलते रहे। माना जा रहा है कि श्रमिक नेताओं के फोन गिरफ्तारी से बचने के स्विच ऑफ हों या वे भूमिगत हों।
मामले में 14 जने गिरफ्तार
नीमराणा थाना पुलिस ने डाइकिन कम्पनी में पथराव, बलवा, जानलेवा हमला व राजकार्य में बाधा डालने सहित विभिन्न धाराओं में 17 नामजद सहित 600-700 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में 14 जनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी महेश पुत्र बजरंग लाल जांगिड़, सुरेंद्र कुमार पुत्र अमीर चंद जाट, घनश्याम पुत्र दयाराम सैनी, जगदेव पुत्र रेणुराम लुहार, दीप सिंह पुत्र दिनेश चंद बिछोला, अजय पुत्र अमर चंद सुनार, सुखराम पुत्र रामलाल राजपूत, अविनाश चंद पुत्र सतीश जाट, प्रवीण कुमार पुत्र रविंद्र कुमार राजपूत, पंकज चौधरी पुत्र पुरुषोत्तम जाट, रंजीत कुमार पुत्र कैलाश चंद सादु, अजय ठाकुर पुत्र अमर चंद राजपूत, सुनील कुमार पुत्र रमाकांत खंडेल और लाल चंद पुत्र मांगीलाल है।
Published on:
10 Jan 2019 11:14 am
